बयाना में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर बलिदानी पुरखों को दी श्रद्धांजलि
बयाना के सुभाष चौक पर विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर 1947 के विभाजन में बलिदान देने और विस्थापित हुए पूर्वजों को कैंडिल जलाकर श्रद्धांजलि दी गई। पंजाबी खत्री सभा ने कार्यक्रम आयोजित किया।
तस्वीर में बयाना के सुभाष चौक पर विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर बैनर और पोस्टर थामे एकत्रित हुए समाजबंधु नजर आ रहे हैं।
बयाना में शुक्रवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर 1947 के भारत विभाजन के दौरान अपनी जान गंवाने वाले और अपनी जड़ों से विस्थापित हुए पूर्वजों की स्मृति में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। सुभाष चौक पर आयोजित कार्यक्रम में समाजबंधुओं ने बड़ी संख्या में पहुंचकर बलिदानी पुरखों को कैंडिल जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री गुलजारी लाल हरजाई ने की। इस दौरान उपस्थित समाजबंधुओं ने 1947 के विभाजन की विभीषिका को याद करते हुए उन पूर्वजों के त्याग और संघर्ष को नमन किया, जिन्होंने उस दौर में अपने प्राणों का बलिदान दिया।
वक्ताओं ने कहा कि 1947 के विभाजन के दौरान लाखों लोगों को अपने घर, परिवार और मातृभूमि से विस्थापित होने का दर्द झेलना पड़ा। इस त्रासदी में अनेक लोगों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बलिदानी पूर्वजों के योगदान को स्मरण करते हुए उनके त्याग और संघर्ष को नमन किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन समस्त पंजाबी खत्री सभा, बयाना की ओर से किया गया। इस अवसर पर गुलजारी लाल हरजाई अध्यक्ष, सुरेंद्र शर्मा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, अमृत खत्री व प्रतीक कपूर राजस्थान कार्यकारिणी सदस्य, महेंद्र अरोरा, राजेश छाबड़ा, राजू खत्री, योगेश खत्री, सरदार स्वरूप सिंह, चंद्रकांता शर्मा, राज अरोरा, प्रेम खत्री, सुदेश खत्री, मोहिनी कक्कड़, मनीषा, पूजा खत्री, बब्बल गैरा, ऊषा अरोरा एवं समस्त खत्री पंजाबी समाज मौजूद रहा।
सुभाष चौक पर आयोजित इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कैंडिल जलाकर विभाजन के दौरान बलिदान देने वाले और विस्थापन का दर्द झेलने वाले पूर्वजों को स्मरण किया गया। कार्यक्रम ने उनके त्याग और संघर्ष को श्रद्धा के साथ याद करने का अवसर प्रदान किया।