जयपुर स्थित महासभा कार्यालय में सिक्किम प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के कुलसचिव प्रो. रमेश कुमार रावत (बायें) ने अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के अध्यक्ष रमेश चंद्र गुप्ता (बीच में) और मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष संजीव कट्टा (दायें) को रुद्राक्ष की कंठी, पटका और राष्ट्रगान का फोटो फ्रेम भेंट किया।   

भरतपुर, 23 अक्टूबर। समाज के विकास में सभी की सहभागिता जरूरी है और इसके लिए सभी को मिलकर निरंतर प्रयास करना चाहिए। अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा ने पिछले तीन वर्षों में शिक्षा, महिला कल्याण, स्वास्थ्य, दिव्यांगजन और बुजुर्गों की सहायता के लिए समाज के जरूरतमंद लोगों को तीन करोड़ 64 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता दी है। वहीं, जयपुर में राज्य सरकार से लगभग 5000 वर्गगज भूमि आवंटित होते ही 50 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक 50 बिस्तरों वाले अस्पताल का निर्माण शुरू करने की योजना है।

अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के अध्यक्ष रमेश चंद्र गुप्ता (तुंगा वाला) और मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष संजीव कट्टा ने यह जानकारी राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित महासभा के राष्ट्रीय कार्यालय में हुई शिष्टाचार भेंट के दौरान दी। सिक्किम प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, गंगटोक, सिक्किम के कुलसचिव एवं अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी प्रोफेसर रमेश कुमार रावत सिक्किम से जयपुर पहुंचे थे। वे राजस्थान के जयपुर जिले की चौमूं नगर परिषद क्षेत्र की अशोक विहार कॉलोनी के निवासी हैं।

मुलाकात के दौरान प्रोफेसर रमेश कुमार रावत ने महासभा के अध्यक्ष रमेश चंद्र गुप्ता और मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष संजीव कट्टा को सिक्किम प्रदेश के प्राकृतिक पंचमुखी रुद्राक्ष की कंठी पहनाई। यह रुद्राक्ष पेड़ से टूटकर पक्षी की चोंच से गिरा हुआ था और उस पर ओंकार अंकित था। उन्होंने दोनों को पटका पहनाया तथा रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचित राष्ट्रगान का फोटो फ्रेम भेंट किया। इस अवसर पर उन्होंने नवरात्रि, दशहरा और आगामी पांच दिवसीय दीपोत्सव दीपावली की शुभकामनाएं दीं, उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उनसे आशीर्वाद लिया।

महासभा के अध्यक्ष रमेश चंद्र गुप्ता (तुंगा वाला) और मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष संजीव कट्टा ने बताया कि वर्ष 2024 से 2027 तक उच्च शिक्षा सहायता के लिए समाज के जरूरतमंद विद्यार्थियों को 2 करोड़ 53 लाख रुपये दिए गए हैं। इसी क्रम में छात्रवृत्ति के रूप में करीब 10 लाख रुपये की शिक्षा सहायता प्रदान की गई है। महिला कल्याण और जनकल्याण के तहत पिछले तीन वर्षों में समाज की जरूरतमंद महिलाओं को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। इसके अलावा समाज के लोगों को चिकित्सा सहायता के रूप में 80,000 रुपये दिए गए हैं।

महासभा पदाधिकारियों ने बताया कि संगठन की ओर से पिछले तीन वर्षों में दिव्यांगजनों और जरूरतमंद बुजुर्गों को भी लाखों रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने समाज के प्रति अपनी भूमिका बताते हुए स्वयं को समाज का सिपाही बताया।

अस्पताल निर्माण की योजना के संबंध में उन्होंने बताया कि महासभा की ओर से जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के जयपुर जोन में लगभग 5000 वर्गगज भूमि आवंटित करने के लिए राज्य सरकार को सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया है। राज्य सरकार से भूमि आवंटित होते ही समाज के दानदाताओं, भामाशाहों और प्रत्येक सदस्य के सहयोग से करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक 50 बिस्तरों वाले अस्पताल का निर्माण शुरू किया जाएगा।

इस अस्पताल का मुख्य उद्देश्य समाज के हर तबके के लोगों को उचित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा न्यूनतम खर्च पर उपलब्ध कराना है। महासभा की शिक्षा, महिला कल्याण, चिकित्सा और सामाजिक सहायता गतिविधियों के साथ प्रस्तावित अस्पताल को समाज के जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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