भुसावर में निःशुल्क नेत्र शिविर: 35 रोगियों की जांच, 15 में मिला मोतियाबिंद
भुसावर की राधाकृष्ण धर्मशाला में भारत विकास परिषद के 22वें निःशुल्क नेत्र शिविर में 35 रोगियों की जांच हुई, जिनमें 15 को मोतियाबिंद मिला। रोगियों को निःशुल्क ऑपरेशन, दवाइयां, चश्मे और अन्य सुविधाएं देने की व्यवस्था की गई।
भुसावर की राधाकृष्ण धर्मशाला में आयोजित निःशुल्क नेत्र जांच शिविर के दौरान एक मरीज की आंखों की जांच करती डॉ. खुशी और चिकित्सकीय टीम।
भुसावर में भारत विकास परिषद की स्थानीय शाखा ने अन्य संस्थाओं के सहयोग से सेठों की हवेली निवासी निरंजनलाल गुप्ता की स्मृति में 22वां निःशुल्क मोतियाबिंद जांच एवं नेत्र लेंस प्रत्यारोपण शिविर आयोजित किया। राधाकृष्ण धर्मशाला में आयोजित इस शिविर में 35 रोगियों की आंखों की जांच की गई, जिनमें 15 रोगी मोतियाबिंद से ग्रस्त पाए गए।
शाखा अध्यक्ष नीरज शर्मा और सचिव राजेन्द्र गर्ग ने बताया कि भुसावर क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति को मोतियाबिंद से ग्रस्त नहीं रहने देने के उद्देश्य से यह शिविर आयोजित किया गया। प्रांतीय प्रकल्प प्रभारी अंशु मित्तल और देवकीनंदन सोनी के मार्गदर्शन तथा सेवा संयोजक ताराचंद गोयल और प्रभारी दिलीप सिंघल के नेतृत्व में शिविर का आयोजन किया गया। पंजीयन प्रभारी प्रकाश जैमन और शेरसिंह सैनी के नेतृत्व में 35 रोगियों का पंजीयन कर उनकी आंखों की जांच कराई गई।
जयपुर के शंकरा आई हॉस्पिटल की नेत्र चिकित्सक डॉ. खुशी और चिकित्सकीय टीम की एकता, पायल, राहुल तथा इंचार्ज रमेश ने रोगियों की जांच की। जांच में 15 रोगियों में मोतियाबिंद की पुष्टि हुई। इन रोगियों को आधुनिक तकनीक से निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन कराने के लिए जयपुर रवाना किया गया। अन्य रोगियों को श्री निरंजन सेवा, दिल्ली की ओर से निःशुल्क आई ड्रॉप वितरित की गईं।
शाखा कोषाध्यक्ष राजेश गोयल ने बताया कि ऑपरेशन के लिए जयपुर भेजे गए रोगियों के भोजन, आवास और परिवहन की व्यवस्था भी निःशुल्क रहेगी। इसके साथ ही उन्हें निःशुल्क दवाइयां और चश्मे भी उपलब्ध कराए जाएंगे। शिविर का अगला आयोजन 26 नवम्बर को किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि भारत विकास परिषद की स्थानीय शाखा की ओर से अब तक आयोजित 21 शिविरों में 2194 रोगियों की जांच की जा चुकी है। इनमें मोतियाबिंद से ग्रस्त 788 रोगियों के ऑपरेशन भी कराए गए हैं। शिविर के आयोजन में शाखा के बृजेश जिंदल, हेमन्त पाण्डेय, कृष्ण कुमार, निशांक सोनी और रमेश गर्ग सहित अन्य सदस्यों का विशेष सहयोग रहा। यह शिविर क्षेत्र में निःशुल्क नेत्र जांच और मोतियाबिंद उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयासों की कड़ी है।