12 साल पुराने 9.60 लाख के चेक अनादरण मामले में आरोपी रामकुमार दोष मुक्त, कोर्ट ने किया बरी

9.60 लाख रुपए के चेक अनादरण के 12 साल पुराने मामले में बयाना के रामकुमार को कोर्ट ने कानूनी खामियों के आधार पर दोष मुक्त कर बरी किया।

Update: 2026-07-30 13:43 GMT

तस्वीर में अधिवक्ता के रूप में नजर आ रहे रामकुमार, जिन्हें 12 साल पुराने चेक अनादरण मामले में अदालत ने दोषमुक्त किया है।

करीब 12 वर्ष पुराने और 9.60 लाख रुपए के चेक अनादरण के चर्चित मामले में न्यायालय ने आरोपी रामकुमार को दोष मुक्त कर बरी कर दिया है। दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने कानूनी और तकनीकी खामियों के आधार पर यह आदेश पारित किया।

अधिवक्ताओं के अनुसार यह मामला अपने आप में अनोखा था, जिसे लेकर वकीलों के बीच भी काफी चर्चाएं थीं। आरोपी पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता बयाना निवासी अशोक अग्रवाल एडवोकेट ने बताया कि बयाना निवासी आरोपी रामकुमार के विरुद्ध करौली जिले के मांची गांव निवासी राधे श्याम ने करौली के अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में एन आई ऐ एक्ट के तहत 9.60 लाख रुपए के चेक अनादरण का वाद प्रस्तुत किया था।

मुकदमे की सुनवाई के दौरान परिवादी राधे श्याम की ओर से न्यायालय में अपने पक्ष के समर्थन में 16 दस्तावेजी साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए गए थे। वहीं आरोपी पक्ष की ओर से अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने न्यायालय के समक्ष प्रभावी कानूनी दलीलें पेश करते हुए अपने मुवक्किल को दोष मुक्त करने की अपील की थी।

मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों और प्रस्तुत साक्ष्यों पर विचार करने के बाद न्यायालय की विद्वान मजिस्ट्रेट लक्षिता सूत्रकार ने कानूनी व तकनीकी खामियों को देखते हुए आरोपी रामकुमार को चेक अनादरण के मामले में दोष मुक्त कर बरी करने के आदेश जारी किए।

करीब 12 वर्षों तक चले इस मामले में न्यायालय के फैसले के बाद आरोपी पक्ष को राहत मिली है। चेक अनादरण से जुड़े इस मामले में कानूनी प्रक्रिया और तकनीकी पहलुओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही, जिसके आधार पर न्यायालय ने अपना निर्णय सुनाया।

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