भुसावर। कस्बा भुसावर सहित सलैमपुर कलां, खेड़ली ब्राह्मण, मजाजपुर, शहजादपुरा और गढ़ी ब्राह्मण सहित ग्रामीण अंचल में बंदरों के बढ़ते उत्पात से आम नागरिक लंबे समय से परेशान हैं। बंदरों के समूह मकानों की छतों पर धमा-चौकड़ी मचाने के साथ लोगों को चोटिल कर रहे हैं। कई घटनाओं में बच्चे, वृद्ध और महिलाएं भी घायल हुए हैं।

ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में बंदरों की संख्या और उनका उत्पात दिन दूना, रात चौगुना बढ़ता जा रहा है। बंदर फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। कई बार बंदर आपस में ही प्राणघातक हमला कर एक-दूसरे को लहूलुहान कर गंभीर रूप से घायल कर देते हैं। इसके चलते भुसावर सहित आसपास के गांवों में जनजीवन प्रभावित है और आमजन चिंतित हैं।

पिछले दिनों अध्यापक ललित सिंघल के बेटे वसु सिंघल को बंदरों ने गंभीर रूप से घायल कर दिया था। वसु सिंघल का लंबे अरसे से उपचार चल रहा है।

बंदरों के उत्पात और आतंक से निजात दिलाने की मांग को लेकर पूर्व सरपंच सतीश पांडेय ने राज्य के महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव और निदेशक डी.एल.बी. को अलग-अलग पत्र लिखे हैं। उन्होंने व्यक्तिशः मुलाकात कर कस्बा भुसावर, सलैमपुर कलां, खेड़ली ब्राह्मण, मजाजपुर, शहजादपुरा और गढ़ी ब्राह्मण सहित ग्रामीण अंचल के आमजन को बंदरों के उत्पात और आतंक से राहत दिलाने के लिए तत्काल बंदरों को पकड़वाने की पुरजोर गुजारिश की है।

क्षेत्र में लगातार बढ़ती बंदरों की समस्या के बीच ग्रामीण अंचल के नागरिकों ने राहत के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

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