बिल पास, फिर भी अटकी आरटीई राशि; भरतपुर के निजी स्कूल संचालकों ने दी आंदोलन की चेतावनी
भरतपुर के निजी स्कूलों की 2024-25 और 2025-26 की आरटीई पुनर्भरण राशि अटकी है। संचालकों ने भुगतान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
आरटीई के तहत निजी विद्यालयों को मिलने वाली पुनर्भरण राशि का भुगतान लंबे समय से अटका होने से स्कूल संचालकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 और 2025-26 की पुनर्भरण राशि के बिल जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय स्तर पर पास होने के बावजूद अब तक विद्यालयों के खातों में राशि नहीं पहुंची है। भुगतान में देरी को लेकर निजी स्कूल संचालकों में नाराजगी बढ़ रही है।
स्कूल शिक्षा परिवार के अध्यक्ष नीरज सारस्वत ने बताया कि प्रदेश के करीब 15-16 जिलों में आरटीई पुनर्भरण राशि का भुगतान किया जा चुका है, जबकि भरतपुर जिले के निजी विद्यालय अभी भी भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि अधिकारियों से संपर्क करने पर कभी एक-दो दिन में भुगतान होने की बात कही जाती है तो कभी चुनाव या अधिकारी के अवकाश पर होने का हवाला दिया जाता है।
सारस्वत के अनुसार, केंद्र सरकार की ओर से राजस्थान को आरटीई पुनर्भरण के लिए राशि उपलब्ध कराए जाने और जिला स्तर पर आवंटन होने के बावजूद निजी विद्यालयों को भुगतान नहीं मिला है। लंबे समय से राशि अटकी होने के कारण विद्यालयों के संचालन में परेशानी आ रही है। कर्मचारियों के वेतन, भवन किराया और अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करना भी मुश्किल हो रहा है।
स्कूल शिक्षा परिवार के अध्यक्ष नीरज सारस्वत ने कहा कि यदि जल्द आरटीई पुनर्भरण राशि का भुगतान नहीं किया गया तो निजी विद्यालय संचालकों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। भरतपुर में धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन की चेतावनी दी गई है।
स्कूल शिक्षा परिवार ने जिला शिक्षा अधिकारी से लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने की मांग की है। निजी विद्यालय संचालकों का कहना है कि बिल पास होने के बावजूद भुगतान लंबित रहने से उनकी आर्थिक दिक्कतें बढ़ रही हैं।