भुसावर में करवा चौथ पर सुहागिनों ने रखा निर्जला व्रत, चौथ माता की पूजा कर मांगा अखंड सौभाग्य
भरतपुर के भुसावर और ग्रामीण अंचल में सुहागिनों ने निर्जला व्रत रखकर चौथ माता की पूजा की और चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोला।
महिलाएं भरतपुर के भुसावर में करवा चौथ पूजा की सामग्री के पास बैठकर पूजा करती दिख रही हैं।
भरतपुर जिले के ऐतिहासिक शहर भुसावर सहित उपखंड मुख्यालय क्षेत्र के ग्रामीण अंचल में गुरुवार, 29 अक्टूबर को करवा चौथ का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य की कामना के साथ निर्जला व्रत रखा। इस दौरान महिलाओं ने चौथ माता की पूजा-अर्चना कर परिवार में सुख-समृद्धि की कामना की।
करवा चौथ पति-पत्नी के पवित्र बंधन का प्रतीक है। यह पर्व दोनों के प्रति प्रेम, त्याग और समर्पण की भावना को दर्शाता है। इस अवसर पर महिलाओं ने सूर्योदय से चंद्रोदय तक निराहार और निर्जला रहकर व्रत किया। शाम को सोलह शृंगार कर गणेशजी और शिव-पार्वतीजी का विधि-विधान से पूजन किया। इसके बाद सामूहिक रूप से माता करवा और वीरवती की कहानी सुनी। रात को चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित करने के बाद महिलाओं ने अपना व्रत खोला।
भुसावर के हिण्डोन सड़क मार्ग स्थित प्राचीन कोठीवाले हनुमान जी मंदिर परिसर में स्थापित चौथ माता के मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। महिलाएं रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सज-संवरकर और हाथों में मेहंदी लगाकर मंदिर पहुंचीं। उन्होंने चौथ माता को सोलह शृंगार की सामग्री और मिष्ठान अर्पित किया। महिलाओं ने माता से अपने पतियों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य, अखंड सौभाग्य और परिवार में सुख-समृद्धि की कामना की।
मंदिर परिसर में महिलाओं ने ढोलक, झांझ और मंजीरे की थाप पर भजन गाकर चौथ माता की आराधना की और अपनी मनोकामनाओं के लिए अरदास लगाई। इस दौरान बुजुर्ग महिलाओं ने उपस्थित महिलाओं को करवा चौथ के पर्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी और अपने अनुभव साझा किए।
करवा चौथ के अवसर पर भुसावर के बाजारों में भी दिनभर खासी भीड़ रही। कपड़ों, कॉस्मेटिक, ब्यूटी पार्लर और ज्वैलर्स की दुकानों सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों पर महिलाओं की चहल-पहल देखने को मिली। विशेष रूप से करवा बेचने वाली दुकानों पर अच्छी भीड़ रही। बाजार में खरीदारी के लिए पहुंचीं महिलाओं और बाइकों की आवाजाही के कारण कई बार जाम की स्थिति भी पैदा हो गई। इस तरह भुसावर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं ने धार्मिक परंपराओं और सामूहिक पूजा-अर्चना के साथ करवा चौथ का पर्व मनाया।