भरतपुर के सेंट ल्यूक स्कूल परिसर में आरयूआईडीपी के अधिकारी विद्यार्थियों को संबोधित करते दिख रहे हैं।

भरतपुर में सीवर कनेक्शन की उपयोगिता और उसके सही रख-रखाव को लेकर महिला समूहों और विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के चतुर्थ चरण के अंतर्गत जनजागरूकता एवं जनसहभागिता इकाई (कैप) की ओर से प्रिन्स नगर आंगनवाड़ी केंद्र और शिव नगर स्थित सेन्ट ल्यूक सैकण्डरी विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में सीवरेज प्रणाली की आवश्यकता, सही उपयोग, रख-रखाव और निशुल्क सीवर कनेक्शन की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

28 अक्टूबर को भरतपुर में आयोजित कार्यक्रम अधिशाषी अभियन्ता राजुल कुमार के मार्गदर्शन में हुए। जयपुर से विजिट पर आए मोबिलाइजेशन एक्सपर्ट के.के. शर्मा और सीएमई मनोज श्रीवास्तव के सहयोग से प्रिन्स नगर आंगनवाड़ी केंद्र पर महिला समूह के साथ सीवरेज जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें सोशल एक्सपर्ट मनीष कटारा ने उपस्थित सहभागियों को बताया कि वर्तमान में किए जा रहे सीवर कनेक्शन कार्य में स्थानीय लोगों की सहभागिता और सहयोग आवश्यक है।

मोबिलाइजेशन एक्सपर्ट के.के. शर्मा और सीएमई मनोज श्रीवास्तव ने सीवर लाइन के रख-रखाव को लेकर जरूरी सावधानियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीवर लाइन में किसी भी प्रकार का कचरा और गोबर नहीं डालना चाहिए, ताकि लाइन में ओवरफ्लो की समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीवर कनेक्शन की प्रक्रिया में शौचालय का कनेक्शन ओवरफ्लो की स्थिति से नहीं किया जाएगा, बल्कि सेप्टिक टैंक को बायपास करके शौचालय को सीधे सीवर लाइन से जोड़ा जाएगा। इससे दूषित जल-मल सेप्टिक टैंक में जाने के बजाय सीवर लाइन में प्रवाहित होगा।

कार्यक्रम में लोगों को यह भी बताया गया कि सीवरेज से संबंधित सुझावों और शिकायतों के लिए परियोजना के टोल फ्री नंबर पर जानकारी दी जा सकती है। सोशल एक्सपर्ट मनीष कटारा ने बताया कि सभी लोगों को सीवरेज सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आरयूआईडीपी की ओर से फिलहाल निशुल्क सीवर कनेक्शन किए जा रहे हैं।

परियोजना के तहत सीवर कनेक्शन नहीं लेने वाले मकान मालिकों के लिए शुल्क और जुर्माने के प्रावधान की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि यदि मकान मालिक घर का सीवर कनेक्शन नहीं लेता है, तो बाद में एम.एस.डब्ल्यू. नियमों के तहत नगर निगम की ओर से 8000 रुपये कनेक्शन शुल्क के साथ 5000 रुपये प्रतिदिन की दर से जुर्माना राशि वसूल की जाएगी।

कार्यक्रम में कार्यकर्ता रेनू शाक्य तथा सरोज, रेखा, श्यामसिंह सहित स्थानीय निवासियों ने सहयोग किया।

इसी क्रम में शिव नगर स्थित सेन्ट ल्यूक सैकण्डरी विद्यालय में भी छात्र-छात्राओं के साथ सीवरेज प्रणाली पर जानकारीपरक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों को सीवरेज प्रणाली की आवश्यकता और उपयोगिता के साथ उसके सही रख-रखाव के बारे में बताया गया। साथ ही दूषित जल-मल को एसटीपी के माध्यम से शोधित करने के बाद सिंचाई के लिए उपयोग करने तथा सीवरेज उपभोग शुल्क से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने सीवरेज प्रणाली से जुड़े अपने प्रश्न और जिज्ञासाएं रखीं, जिनका समाधान किया गया। विद्यालय की प्राचार्य प्रीती सिंह, उपप्राचार्य चेतना यादव और अन्य विद्यालय स्टाफ ने कार्यक्रम को उपयोगी एवं जानकारीपरक बताते हुए आयोजकों का धन्यवाद किया। आरयूआईडीपी के इन जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से महिला समूहों, स्थानीय निवासियों और विद्यार्थियों को सीवर कनेक्शन की प्रक्रिया, सही रख-रखाव तथा सीवरेज सुविधा के उपयोग से जुड़े नियमों की जानकारी दी गई।

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