बारां कॉलेज में साइबर अपराधों पर जागरूकता व्याख्यान, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी से बचाव के बताए उपाय
विद्यार्थियों को डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव और राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 की दी गई जानकारी।
राजकीय महाविद्यालय बारां में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पोस्टर प्रदर्शित करते विद्यार्थी और अधिकारी नजर आ रहे हैं।
बारां। डिजिटल अरेस्ट, साइबर बुलिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते तरीकों के बीच विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की जानकारी देने के उद्देश्य से मंगलवार को राजकीय महाविद्यालय बारां में साइबर जागरूकता व्याख्यान आयोजित किया गया। एनएसएस एवं महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में साइबर थाना, बारां के एएसआई सुकेन्द्र सिंह और प्रोग्रामर अंकित राव ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. रामबाबू गुर्जर और महिला प्रकोष्ठ की संयोजक प्रो. भावना मीणा ने अतिथियों की उपस्थिति में मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर और माल्यार्पण के साथ किया। इसके बाद कार्यवाहक प्राचार्य ने अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी प्रो. वी.पी. सिंह ने किया।
व्याख्यान में साइबर थाना, बारां के एएसआई सुकेन्द्र सिंह ने विद्यार्थियों को डिजिटल अरेस्ट, साइबर बुलिंग तथा विभिन्न शॉपिंग वेबसाइटों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से होने वाली साइबर धोखाधड़ी के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों, उनसे बचाव के उपायों और इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया।
सुकेन्द्र सिंह ने ऑनलाइन लेन-देन के दौरान सावधानी बरतने और अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग संबंधी जानकारी अनजान व्यक्तियों के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी। उन्होंने साइबर अपराधों से बचने के लिए डिजिटल गतिविधियों के दौरान सतर्कता और सुरक्षित इंटरनेट व्यवहार के महत्व पर जोर दिया।
साइबर थाना, बारां के प्रोग्रामर अंकित राव ने साइबर सुरक्षा से संबंधित उपयोगी वेबसाइटों और ऑनलाइन संसाधनों की जानकारी दी। उन्होंने साइबर अपराध होने की स्थिति में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया समझाई तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराने और साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा विषय पर स्वयं तैयार किए गए पोस्टरों का प्रदर्शन भी किया। इन पोस्टरों के माध्यम से साइबर अपराधों से बचाव, इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग और डिजिटल जागरूकता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में महिला प्रकोष्ठ की संयोजक प्रो. भावना मीणा ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. रामबाबू गुर्जर ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए एनएसएस एवं महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त प्रयासों की प्रशंसा की।
इस अवसर पर एनएसएस के कार्यक्रम संयोजक प्रो. भवानी सिंह, कार्यक्रम अधिकारी प्रो. शुभांगी जैन और प्रो. हनुमान सैनी उपस्थित रहे। महिला प्रकोष्ठ के सदस्य प्रो. नीलाक्षी शर्मा, प्रो. अनीता गुर्जर, प्रो. लीनता अरोड़ा और प्रो. हिमानी भाटिया भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना, डिजिटल सुरक्षा का महत्व समझाना और उन्हें सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। एनएसएस एवं महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह व्याख्यान विद्यार्थियों को साइबर धोखाधड़ी की पहचान, उससे बचाव और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया से अवगत कराने के उद्देश्य से उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ।