मुख्यमंत्री युवा सुयोग योजना में शत-प्रतिशत पंजीकरण पर जोर, अधिकारियों को सख्त निर्देश
बारां जिले में मुख्यमंत्री युवा सुयोग योजना के पंजीकरण, मतदाता जागरूकता अभियान, फॉलोअप शिविर, साइबर सुरक्षा कार्यक्रम और पेंशन अदालत को लेकर प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।
तस्वीर में बारां मिनी सचिवालय सभागार में जिला कलक्टर बालमुकुंद असावा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में उपस्थित अधिकारी नजर आ रहे हैं।
बारां। मुख्यमंत्री युवा सुयोग योजना के तहत जिले के प्रत्येक पात्र युवा का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने को लेकर शुक्रवार को मिनी सचिवालय सभागार में जिला कलक्टर बालमुकुंद असावा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा मुख्यमंत्री युवा सुयोग पोर्टल पर किए गए पंजीकरण की प्रगति की समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान पंजीकरण की धीमी गति सामने आने पर जिला कलक्टर ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ लेने से कोई भी पात्र युवा वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में जाकर अभियान चलाने, दैनिक लक्ष्य निर्धारित करने, मिशन मोड में कार्य करने और टीम बनाकर नियमित निरीक्षण के माध्यम से पंजीकरण की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने सोमवार से जिले के सभी सरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थानों में विशेष शिविर आयोजित कर विद्यार्थियों का मुख्यमंत्री युवा सुयोग पोर्टल पर ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने निजी शिक्षण संस्थानों से सहयोग लेने के साथ ही खिलाड़ियों, माय भारत स्वयंसेवकों और पूर्व छात्रों को अभियान से जोड़कर अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंच बनाने पर जोर दिया। उत्कृष्ट खिलाड़ियों के माध्यम से भी युवाओं को योजना के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने बताया कि जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत एवं शहरी वार्ड में सुयोग यूथ क्लब गठित किए जाएंगे। इनके माध्यम से 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की शिक्षा, कौशल, रुचि एवं आकांक्षाओं का डाटा एकत्र किया जाएगा। इस डाटा के आधार पर युवाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों, कौशल विकास प्रशिक्षण तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर भंवरलाल जनागल ने विभागवार लक्ष्य बताते हुए सभी अधिकारियों को निर्धारित समय में लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले के सभी खेल मैदानों की मैपिंग कर उनकी वर्तमान भौतिक स्थिति का आकलन करते हुए विस्तृत सूची तैयार करने को भी कहा।
इस दौरान डीओआईटी के एसीपी सोनू मीणा ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री युवा सुयोग पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी दी और तकनीकी समस्याओं के समाधान से अवगत कराया। बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजवीर सिंह चौधरी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
वहीं, मतदाता जागरूकता को लेकर भी जिले में अभियान चलाया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी व जिला कलक्टर बालमुकुंद असावा एवं सीइओ व नोडल अधिकारी स्वीप राजवीर सिंह चौधरी के निर्देशन में सारथल के स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम से पहले विद्यालय की ईएलसी का नवगठन किया गया। स्वीप प्रभारी अमित भार्गव ने नवगठित कार्यकारिणी को देश के लोकतंत्र को सुदृढ़ करने और मतदाता जागरूकता का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने ईएलसी सदस्यों को मौलिक अधिकारों के साथ राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों का पालन करते हुए मतदाता जागरूकता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने की बात कही।
स्वीप प्रभारी अमित भार्गव ने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा 17 प्लस के युवाओं को मतदाता सूची में पंजीकरण करवाने की सुविधा दी गई है। उन्होंने भावी मतदाताओं को ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से मतदाता सूची में ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया की जानकारी दी। साथ ही ईपिक नंबर या ईपिक पर दिए गए बार व क्यूआर कोड अथवा मोबाइल नंबर की सहायता से मतदाता सूची में नाम और मतदान केंद्र का पता करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को निर्वाचन संबंधी समझ विकसित करने के उद्देश्य से तैयार की गई लोकसभा चुनाव 2019 चलचित्र का प्रदर्शन किया गया। इसका उद्देश्य युवाओं को मतदान अधिकारों, निर्वाचन प्रक्रिया और सशक्त लोकतंत्र में जागरूक मतदाता की भूमिका के प्रति शिक्षित करना रहा। इस दौरान विद्यार्थियों ने मानव श्रृंखला बनाकर जागरूकता का संदेश दिया।
ईएलसी प्रभारी नरेंद्र कुमार नागर ने बताया कि नवगठित कार्यकारिणी में बारहवीं कक्षा की अंजना भील को अध्यक्ष तथा दसवीं कक्षा की कनिष्का सोनी को उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा 18 विद्यार्थियों को सक्रिय सदस्य के रूप में चयनित किया गया। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य मुकुट बिहारी मीणा, सहायक प्रभारी ईएलसी करना राम मीणा, स्वीप सदस्य रामचरण मीणा, वरिष्ठ अध्यापक सुरेंद्र मीणा, शिवराज मीणा, मोहम्मद उमर, मनोज मीणा, पवन कुमार, अनिता कुमारी, स्टाफ सदस्य एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
इधर, राज्य सरकार के निर्देश पर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने के लिए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में 22 विभागों से संबंधित कार्यों के लिए एक दिवसीय फॉलो-अप शिविर 31 अगस्त तक आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में पहले चलाए गए अभियानों में लंबित रहे पेंशन, पट्टा, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, बिजली-पानी कनेक्शन, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, चिरंजीवी योजना एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन से जुड़े प्रकरणों का मौके पर निस्तारण किया जा रहा है।
शुक्रवार को ग्रामीण क्षेत्र में बारां-कलमंडा, अंता-बमूलिया माताजी, मांगरोल-रायथल, छबड़ा-दिलोद व खोपर, छीपाबड़ौद-देवरीजोध, सारथल, अटरू-अटोन, शाहबाद-आगर एवं गदरेटा, किशनगंज-सकरावदा और छतरगंज के लिए अटल सेवा केन्द्र में शिविर आयोजित किए गए। इसके साथ ही सभी शहरी फॉलो-अप शिविर नगरपालिका भवन में आयोजित किए गए।
कृषि विभाग की योजनाओं से किसान सशक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध हो रहे हैं। रायथल निवासी रामबिलास सुमन पुत्र घासी लाल और रघुनाथ रेगर पुत्र रतिराम ने बताया कि उनके खेत में जानवरों की काफी परेशानी थी। वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक शिव प्रकाश मीणा ने उन्हें कृषि विभाग की तारबंदी योजना की जानकारी दी। लाभार्थियों ने ई मित्र पर ऑनलाइन आवेदन किया था। शुक्रवार को ग्राम पंचायत रायथल में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के फॉलोअप शिविर में उनकी प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई, जिससे उन्हें 40-40 हजार रुपये की सब्सिडी मिलेगी।
लाभार्थियों ने बताया कि तारबंदी योजना से खेतों को जानवरों से सुरक्षा, फसल की बेहतर उपज, आय में वृद्धि, खेती में स्थिरता और प्रगति तथा आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। उन्होंने राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।
आगामी शिविर सोमवार को ग्रामीण क्षेत्र में बारां-बराना, अंता-ठीकरिया, मांगरोल-जारेला, छबड़ा-पाली, छीपाबड़ौद-बमोरीघाटा व कलमोदिया, अटरू-कनोटिया, शाहबाद-कस्बाथाना एवं अजरोड़ा, किशनगंज-बिलासगढ़ और जलवाड़ा के लिए अटल सेवा केन्द्र में आयोजित किए जाएंगे। साथ ही शहरी फॉलो-अप शिविर नगरपालिका भवन में होंगे। जिला प्रशासन ने आमजन से जन आधार, आधार, राशन कार्ड सहित आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविरों में पहुंचकर योजनाओं का लाभ लेने की अपील की है।
जिले में युवाओं और आमजन को साइबर जागरूकता एवं डिजिटल साक्षरता से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शीघ्र ही ‘साइबर-सुरक्षा एवं डिजिटल शिक्षा कार्यक्रम’ आयोजित किया जाएगा। जिला प्रशासन, बारां की ओर से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों, सरकारी कर्मचारियों और आम नागरिकों को इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग, साइबर धोखाधड़ी से बचाव, डेटा गोपनीयता और डिजिटल सुरक्षा उपायों की जानकारी देना है।
इस पहल के तहत जिले के सभी सरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थानों, ग्राम पंचायतों एवं शहरी वार्डों में विशेष कार्यशालाएं, प्रशिक्षण सत्र और जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। आईटी एवं साइबर सुरक्षा विभाग के विशेषज्ञ ऑनलाइन धोखाधड़ी की पहचान, सुरक्षित डिजिटल भुगतान, सोशल मीडिया सुरक्षा और साइबर अपराध की रिपोर्टिंग के संबंध में प्रशिक्षण देंगे।
जिला कलक्टर ने सभी विभागों को कार्यक्रम में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने और मिशन मोड में कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। कार्यक्रम के दौरान व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए आईईसी सामग्री एवं डिजिटल किट का वितरण भी किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य साइबर माध्यमों के जरिए बारां जिले को डिजिटल रूप से सशक्त एवं साइबर सुरक्षित बनाना है।
इसके अलावा पेंशन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए 27 जुलाई को पेंशन अदालत आयोजित की जाएगी। वित्त विभाग एवं निदेशालय पेंशन विभाग, जयपुर के आदेशानुसार अतिरिक्त निदेशक क्षेत्रीय पेंशन कार्यालय, कोटा भगवान कर्मचंदानी ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, स्थानीय निकाय विभाग, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं पुलिस विभाग से संबंधित सभी पेंशनर्स व पारिवारिक पेंशनर्स के 15 जुलाई 2026 तक प्राप्त पेंशन प्रकरणों, समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए 27 जुलाई को प्रातः 11 बजे से सायं 4 बजे तक क्षेत्रीय पेंशन कार्यालय परिसर में पेंशन अदालत आयोजित की जाएगी।
पेंशन अदालत में उक्त चारों विभागों के नोडल अधिकारी तथा संबंधित पेंशनर्स एवं पारिवारिक पेंशनर्स उपस्थित रहेंगे।