अटरू की कालबेलिया कच्ची बस्ती में अटलपुरी ने करवाया 251 पौधों का पौधारोपण
अटरू की कालबेलिया कच्ची बस्ती में 251 पौधों का रोपण कर अटलपुरी ने पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा जागरूकता का संदेश दिया।
तस्वीर में कालबेलिया कच्ची बस्ती, अटरू में गोविंद अटलपुरी और स्थानीय ग्रामीण बच्चों के साथ मिलकर पौधा लगाते हुए नजर आ रहे हैं।
कालबेलिया कच्ची बस्ती में पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा जागरूकता अभियान के तहत गोविंद अटलपुरी प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदेश कांग्रेस कमेटी कच्ची बस्ती प्रकोष्ठ के द्वारा 251 पौधों का पौधारोपण करवाया गया। इस दौरान बस्तीवासियों ने अपने घरों के आंगन और सार्वजनिक स्थानों पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए।
गोविंद अटलपुरी ने हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी अटरू के बांदा रोड स्थित कच्ची बस्ती (कालबेलिया बस्ती) में नीम, शीशम, अमरूद, जामुन और पीपल सहित विभिन्न प्रजातियों के 251 पौधों का पौधारोपण करवाया।
इस अवसर पर अटलपुरी ने बस्तीवासियों को वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वृक्ष है तो जीवन है। साथ ही उन्होंने बस्तीवासियों को शिक्षा के प्रति जागरूक करते हुए बच्चों को हर हाल में स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया।
अटलपुरी ने कहा कि जिस तरह से उगता हुआ वृक्ष राष्ट्र के सम्मान का प्रतीक है, उसी तरह हर बढ़ता हुआ बच्चा परिवार, राष्ट्र और अपने मोहल्ले गांव के विकास में अपनी आहुतियां देता है। उन्होंने कहा कि दो रोटी कम खाएं मगर बच्चों को जरूर पढ़ाएं। रोटी थाली की जगह हथेली पर रखकर खाना पड़े तो खाएं, लेकिन बच्चों को जरूर पढ़ाएं, क्योंकि शिक्षा ही वह सशक्त हथियार है जो हमें हर तरह की कुरूतियों, अत्याचार, अन्याय और शोषण से मुक्ति दिला सकती है।
उल्लेखनीय है कि अटलपुरी वर्ष 1997 से साक्षरता से जुड़कर सर्वप्रथम ग्राम खेरली बसला में पौधारोपण करवाया था। इसके बाद से वे लगातार पौधारोपण करवाते आ रहे हैं। अब तक उनके द्वारा स्वयं के खर्च पर लगभग 9225 पौधों का वृक्षारोपण करवाया जा चुका है, जो अब वृक्ष बन चुके हैं। इन वृक्षों के नीचे बैठकर बस्तीवासी शुद्ध वातावरण और छाया का आनंद लेते हैं।
इस अवसर पर पुष्पेंद्र मीणा, राजू चैरसिया, राजेंद्र मेघवाल, महेंद्र मेघवाल, राजू सहरिया, रोहित कालबेलिया सहित अन्य लोग मौजूद रहे।