यूजीसी कानून के विरोध में जयपुर पहुंचे राजपूत समाज पर लाठीचार्ज की वैश्य महासम्मेलन ने की कड़ी निंदा
बारां में अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन ने यूजीसी काले कानून के विरोध में 800 किलोमीटर की पदयात्रा कर जयपुर पहुंचे राजपूत समाज के प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। संगठन ने सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए भविष्य की रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया।
तस्वीर में बाएं से दाएं अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के पदाधिकारी ललित मोहन खंडेलवाल, भानु पोरवाल, कमलेश विजयवर्गीय और आनंद बंसल नजर आ रहे हैं।
बारां। यूजीसी काले कानून के खिलाफ 800 किलोमीटर की पदयात्रा कर जयपुर पहुंचे राजपूत समाज के पदयात्रियों पर जयपुर में हुए लाठीचार्ज की अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन ने कड़े शब्दों में निंदा की है। महासम्मेलन ने सरकार की सवर्ण समाज विरोधी नीति की आलोचना करते हुए इसे भविष्य के लिए गंभीर रूप से चिंताजनक बताया।
अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष ललितमोहन खण्डेलवाल, जिलाध्यक्ष कमलेश कुमार विजयवर्गीय, युवा जिलाध्यक्ष भानू कुमार पोरवाल, जिला महामंत्री सुरेश गोयल, आनन्द बंसल, अग्रवाल समाज के अशोक बंसल, अशोक गर्ग, मनोज विजय, नरेश खण्डेलवाल तथा हितेश खण्डेलवाल ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि यूजीसी काले कानून को वापस लेने की न्यायोचित मांग कर रहे राजपूत प्रदर्शनकारियों पर जयपुर में पुलिस ने दमन चक्र चलाते हुए लाठीचार्ज किया, जिसमें कई राजपूत बंधु घायल हो गए।
बयान में कहा गया कि शांतिपूर्वक ज्ञापन देने जा रहे प्रदर्शनकारियों पर इस प्रकार की दमनकारी कार्रवाई लोकतंत्र में उचित नहीं है। महासम्मेलन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सामान्य वर्ग के खिलाफ इसी प्रकार की दमनकारी नीति जारी रही तो भविष्य में राजनीतिक दलों के खिलाफ सामान्य वर्ग अपनी अलग रणनीति तैयार करेगा और आगामी चुनावों में डटकर विरोध करेगा।
उन्होंने कहा कि भविष्य में सामान्य वर्ग के हितों की बात करने वाले का ही सामान्य वर्ग साथ देने के लिए मजबूर होगा। महासम्मेलन ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए सरकार की सवर्ण समाज विरोधी नीति की आलोचना की।