बारां में वरिष्ठ साहित्यकार कन्हैयालाल शर्मा की पंचम काव्य कृति 'तपन' का विमोचन, हुआ नागरिक अभिनंदन

बारां में वरिष्ठ साहित्यकार कन्हैयालाल शर्मा की पंचम काव्य कृति 'तपन' का गरिमामय समारोह में विमोचन किया गया। विधायक राधेश्याम बैरवा सहित कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। कृतिकार का नागरिक अभिनंदन हुआ और काव्य गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। जानिए समारोह की प्रमुख झलकियां।

Update: 2026-08-04 12:59 GMT

तस्वीर में विवान रिसोर्ट में आयोजित विमोचन समारोह के दौरान मंच पर हाथ में पुस्तक थामे अतिथि और साहित्यकार नजर आ रहे हैं।

बारां जिले के वरिष्ठ एवं वयोवृद्ध साहित्यकार कन्हैयालाल शर्मा की नव प्रकाशित पंचम काव्य कृति 'तपन' का रविवार शाम को आयोजित गरिमामय समारोह में विमोचन किया गया। इस अवसर पर जिले की प्रतिष्ठित संस्थाओं की ओर से कृतिकार का नागरिक अभिनंदन भी किया गया।

स्वास्थ्य व शारीरिक शिक्षा विकास समिति के तत्वावधान में कोटा रोड स्थित विवान रिसोर्ट में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि विधायक राधेश्याम बैरवा ने कहा कि साहित्यकार कन्हैयालाल शर्मा ने अपने जीवन के दीर्घकालिक अनुभवों को साहित्य के माध्यम से बेहद खूबसूरती से साझा किया है। उन्होंने कहा कि उनकी कृतियां समाज को नैतिकता का पाठ पढ़ाने के साथ-साथ जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए भी प्रेरित करती हैं।



 समारोह में विशिष्ट अतिथियों के रूप में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष आनंद गर्ग, भारतमाता कॉलेज के निदेशक मजीद मलिक कमांडो, फुटबॉल संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष निर्मल माथोडिया, अंतरराष्ट्रीय हास्य कवि सुरेंद्र यादवेंद्र, हिंदी साहित्य भारती के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश सोनी, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी गैंदालाल रैगर तथा पेंशनर समाज के जिलाध्यक्ष दिनेशचंद्र जैन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदा की पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इसके बाद सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया गया। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के पदाधिकारी प्रद्युम्न वर्मा ने पुस्तक एवं कृतिकार का परिचय देते हुए कहा कि कन्हैयालाल शर्मा के साहित्य में सामाजिक समस्याओं का यथार्थ चित्रण होने के साथ-साथ उनके समाधान की राह भी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।

समारोह के दौरान संस्कृत के प्रतिष्ठित साहित्यकार कौशल तिवारी का भी विशेष रूप से सम्मान किया गया। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन कृतिकार के पुत्र सुनील शर्मा ने किया। समारोह में बड़ी संख्या में साहित्यकार एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। पुस्तक विमोचन समारोह से पूर्व काव्य गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। इस आयोजन ने साहित्य, सृजन और सम्मान की परंपरा को एक मंच पर साकार करते हुए जिले के साहित्यिक परिवेश को नई ऊर्जा प्रदान की।

Tags:    

Similar News