बारां में हाईपोथिकेटेड वाहनों के नाम पर करोड़ों की ठगी का भंडाफोड़, संगठित गिरोह के 5 आरोपी गिरफ्तार

बारां पुलिस ने हाईपोथिकेटेड वाहनों के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में कई बड़े खुलासे सामने आए हैं।

Update: 2026-08-04 13:35 GMT

तस्वीर में अंता पुलिस थाने के बाहर खड़े पुलिसकर्मी और जमीन पर बैठे पकड़े गए आरोपी नजर आ रहे हैं।

बारां पुलिस ने हाईपोथिकेटेड वाहनों की खरीद-फरोख्त और गिरवी के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक बारां अभिषेक अंदासु ने बताया कि थाना अन्ता पर वाहन खरीद-फरोख्त एवं गिरवी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले संगठित गिरोह के विरुद्ध रिपोर्ट प्राप्त होने पर थाना अन्ता में प्रकरण संख्या 291/2026 दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिला स्तर पर चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन अंकुश’ के तहत, जो हाईपोथिकेटेड वाहनों के विक्रय के नाम पर ठगी करने वालों के विरुद्ध संचालित किया जा रहा है, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बारां श्री सौरभ तिवारी के सुपरविजन तथा वृताधिकारी वृत अन्ता श्री पुष्पेन्द्र आढा के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक एवं थानाधिकारी अन्ता भूपेश शर्मा मय जाप्ता तथा जिला विशेष टीम का गठन किया गया।

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य हाड़ौती क्षेत्र में आर्थिक तंगी से जूझ रहे वाहन स्वामियों से कम मूल्य पर हस्ताक्षरयुक्त स्टाम्प, वाहनों के स्वामित्व हस्तांतरण प्रपत्र संख्या 29 एवं 30 तथा वाहन संबंधी दस्तावेज प्राप्त कर लेते थे। इसके बाद उन्हीं वाहनों को अन्य व्यक्तियों के पास अधिक राशि लेकर गिरवी रख देते थे। बाद में वाहन की किश्तों का भुगतान नहीं किया जाता था, जिससे फाइनेंस कंपनी अथवा वास्तविक वाहन स्वामी के माध्यम से वाहन वापस जब्त करवा लिया जाता था। इस पूरी प्रक्रिया के जरिए गिरोह वास्तविक वाहन स्वामियों और गिरवीधारकों के साथ धोखाधड़ी कर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करता था। पुलिस के अनुसार, गिरोह ने भोले-भाले लोगों और फाइनेंस कंपनियों को अपनी बातों में लेकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की है।

थाना अन्ता पुलिस और जिला विशेष टीम ने विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर प्रकरण के आरोपी भगवान प्रसाद गोस्वामी, शुभम गोस्वामी, शिवम गोस्वामी, संदीप एवं रवि उर्फ रंगीला को डिटेन कर पूछताछ की। उनके कब्जे से कुल 29 हस्ताक्षरयुक्त स्टाम्प, वाहनों के स्वामित्व हस्तांतरण प्रपत्र संख्या 29 एवं 30 तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में लगभग 15 वाहनों के माध्यम से करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन और धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। पुलिस ने 11 चार पहिया वाहन, एक ट्रैक्टर मय ट्रॉली तथा तीन मोटरसाइकिल जब्त की हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों तथा इससे जुड़े अन्य प्रकरणों के संबंध में गहन जांच जारी है।

गिरफ्तार आरोपियों में शुभम पुत्र भगवान प्रसाद गोस्वामी (उम्र 28 वर्ष), शिवम पुत्र भगवान प्रसाद गोस्वामी (उम्र 30 वर्ष), भगवान प्रसाद पुत्र पन्नालाल गोस्वामी (उम्र 51 वर्ष), संदीप पुत्र भगवान प्रसाद गोस्वामी (उम्र 23 वर्ष), सभी निवासी पिलिया थाना सदर जिला बारां, तथा रवि उर्फ रंगीला पुत्र सत्यनारायण रेगर (उम्र 25 वर्ष), निवासी रायथल थाना सीसवाली जिला बारां शामिल हैं।

इस कार्रवाई में थानाधिकारी अन्ता भूपेश शर्मा, उपनिरीक्षक राजेश मीणा (डीएसटी), सहायक उपनिरीक्षक धीरेन्द्र सिंह, सहायक उपनिरीक्षक शाहब्बूदीन (डीएसटी), सहायक उपनिरीक्षक आकाश शिंदे (डीएसटी) की विशेष भूमिका रही। इसके अलावा हेड कांस्टेबल मनीष शर्मा (डीएसटी), कांस्टेबल बलवान सिंह (डीएसटी), कृष्ण मुरारी (डीएसटी), दीपेन्द्र सिंह (पुलिस अधीक्षक कार्यालय), विक्रान्त (थाना अन्ता), पवन (थाना अन्ता) तथा मुकेश (थाना अन्ता) ने कार्रवाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और इससे जुड़े अन्य मामलों की गहन जांच कर रही है।

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