बारां के कल्याण राय मंदिर में 26 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा महोत्सव पर औषधीयुक्त खीर और दवाएं बांटी जाएंगी।

बारां। शहर के बाबूजी नगर और रेलवे कॉलोनी के मध्य स्थित भगवान श्री कल्याण राय जी महाराज के मंदिर में 26 अक्टूबर, सोमवार को शरद पूर्णिमा महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। बाबूजी नगर रोड पर रेलवे स्टेशन के सामने स्थित परमहंस जी की बगीची में आयोजित होने वाले इस महोत्सव में मध्यरात्रि 12 बजे ठाकुरजी की महाआरती के बाद औषधीयुक्त खीर का प्रसाद वितरित किया जाएगा। इसके साथ ही अस्थमा, सांस की बीमारी, बवासीर सहित अन्य रोगों की दवाएं भी निशुल्क वितरित की जाएंगी।

मंदिर श्री कल्याणराय जी महाराज परमहंस आश्रम के मीडिया प्रभारी एवं शिष्य सुरेश कुमार सुमन ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस बार भी मंदिर परिसर में 26 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा महोत्सव आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के तहत शाम 5 बजे से मध्यरात्रि तक परमहंस आश्रम के शिष्य परिवार और भक्तजन गायक मंडली के साथ भजन-कीर्तन करेंगे। मध्यरात्रि 12 बजे महाआरती और भोग के बाद श्रद्धालुओं को औषधीयुक्त खीर का प्रसाद तथा विभिन्न औषधियों का वितरण किया जाएगा।

अखिल भारतीय संत समिति हाड़ौती मंडल कोटा के अध्यक्ष एवं महामंडलेश्वर श्रीश्री 1008 गाधिपति महंत रामनरेश दास महाराज ने बताया कि सनातन धर्म में शरद पूर्णिमा महोत्सव मनाने की परंपरा अनादिकाल से चली आ रही है। उन्होंने बताया कि सतयुग में भगवान धन्वंतरि का अवतार हुआ था। मान्यता के अनुसार, धन्वंतरि भगवान इसी दिन अमृत बेला में चंद्रमा की किरणों से अपनी औषधियों को शक्ति प्रदान करते हैं।

महंत रामनरेश दास महाराज ने शरद पूर्णिमा की परंपरा का उल्लेख करते हुए बताया कि त्रेता युग में भगवान राम जनकपुर में धनुष यज्ञ के लिए गए थे और शरद पूर्णिमा के दिन ही पुष्पवाटिका में शक्ति और ब्रह्म का अमृत बेला में मिलन हुआ। द्वापर युग में जब ब्रह्म का अवतार कृष्ण स्वरूप में हुआ, तब अर्द्धरात्रि के समय चंद्रमा की बेला की किरणों के प्रकाश में रमणरेती में भगवान कृष्ण और राधा का मिलन हुआ तथा अमृत बेला में रास प्रारंभ हुआ।

उन्होंने बताया कि इसी परंपरा के अनुसार चंद्रमा की किरणों में रखे जाने वाले औषधि और प्रसाद को विशेष महत्व दिया जाता है। मान्यता है कि इस प्रसाद को ग्रहण करने वाला व्यक्ति एक वर्ष तक निरोगी काया रखता है। इसी परंपरा के तहत मंदिर श्री कल्याणराय जी परमहंस बगीची में 26 अक्टूबर को रात्रि 12 बजे ठाकुरजी की महाआरती और भोग के बाद अस्थमा, श्वास, बवासीर सहित अन्य बीमारियों की दवाएं निशुल्क वितरित की जाएंगी। आश्रम की ओर से आगे भी दवाओं का निशुल्क वितरण जारी रखा जाएगा।

महोत्सव को लेकर परमहंस आश्रम के शिष्य एवं भक्तगण बाबूलाल नागर, हरदयाल नागर, महावीर माथोडिया, रामेश्वर सैनी, लीलाधर मेहता, हेमराज यदुवंशी, मुकुट सुमन, श्याम नागर और गजेंद्र मेहता ने समस्त धर्मप्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में समय पर पहुंचने की अपील की है। उन्होंने श्रद्धालुओं से महोत्सव में शामिल होकर धर्म लाभ लेने और औषधीयुक्त प्रसाद तथा निशुल्क औषधियां प्राप्त करने का आग्रह किया है।

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