बारां के स्वामी विवेकानंद विद्या निकेतन में विद्या भारती द्वारा आयोजित बालिका शिक्षा कार्यशाला के दौरान मंच पर मंचासीन अतिथि एवं छात्राएं।

बारां में विद्या भारती के बालिका शिक्षा आयाम के तहत जिले के बालिका शिक्षा संयोजकों की एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। स्वामी विवेकानंद विद्या निकेतन माध्यमिक विद्यालय के सभागार में हुई कार्यशाला में बालिकाओं को शिक्षा के साथ संस्कार, आत्मविश्वास, स्वावलंबन और राष्ट्रनिष्ठा से जोड़ने पर जोर दिया गया। विद्या भारती राजस्थान क्षेत्र की बालिका शिक्षा संयोजक बहिन प्रमिला शर्मा ने कहा कि संस्कारवान, समर्थ एवं राष्ट्रनिष्ठ बालिका सशक्त राष्ट्र का आधार है।

कार्यशाला में जिले के समस्त आदर्श विद्या मंदिर एवं स्वामी विवेकानंद विद्या निकेतन विद्यालयों के बालिका शिक्षा संयोजकों ने सहभागिता की। प्रधानाचार्य दीनदयाल नागर एवं जिला बालिका शिक्षा संयोजक हेमलता नागर ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं वंदना के साथ हुआ।

मुख्य वक्ता बहिन प्रमिला शर्मा ने कहा कि बालिका शिक्षा विद्या भारती का केंद्रीय विषय है। इसका उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा के साथ संस्कार, आत्मविश्वास, स्वावलंबन, नेतृत्व क्षमता एवं राष्ट्रनिष्ठा से संपन्न बनाना है, ताकि समाज और राष्ट्र के निर्माण में उनकी प्रभावी भूमिका सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा कि बालिका केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी की निर्मात्री है। आज की शिक्षित, संस्कारित और समर्थ बालिका भविष्य में परिवार एवं समाज को सशक्त नेतृत्व प्रदान करेगी। भारतीय संस्कृति, सनातन जीवन-मूल्यों, परंपराओं एवं संस्कारों के संरक्षण और संवर्धन में नारी शक्ति की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है।

प्रमिला शर्मा ने बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ संस्कार, स्वावलंबन, आत्मरक्षा, सामाजिक दायित्व और राष्ट्रभाव का विकास आवश्यक बताया। उन्होंने बालिका शिक्षा को समाज और राष्ट्र के निर्माण से जोड़ते हुए इसके विभिन्न आयामों के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यशाला में बालिका शिक्षा आयाम के अंतर्गत पूर्व में संपन्न कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। साथ ही आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। इसके तहत सरस्वती यात्रा, किशोरी संस्कार शिविर, आत्मरक्षा शिविर एवं देव-दर्शन सहित विभिन्न गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन की योजना बनाई गई।

इस दौरान जिला सचिव राजेंद्र कुमार शर्मा, श्रीमती भारती राठौर, दीपिका सेन, पूनम मेहता, सीमा ढोली, भारती सिरोहियां, सुल्तान गुर्जर, रीमा सेन, अंतिम शर्मा, पूजा गोचर, आशा नागर एवं पुष्पलता सेन ने भी बालिका शिक्षा के विभिन्न आयामों पर अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यशाला का समापन आभार प्रदर्शन एवं शांति मंत्र के साथ हुआ। कार्यशाला में बालिका शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों की समीक्षा और आगामी गतिविधियों की योजना के माध्यम से बालिकाओं के शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं व्यक्तित्व विकास पर केंद्रित कार्यों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की गई।

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