दक्षिण भारत में मानसून की चाल सुस्त पर सुहाना हुआ मौसम, केरल से कर्नाटक तक हल्की बौछारों का दौर जारी|

दक्षिण भारत के राज्यों में मानसूनी गतिविधियां लगातार जारी हैं, जिससे केरल और तटीय कर्नाटक में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

Update: 2026-08-02 01:40 GMT

सड़कों पर मोटरसाइकिल और स्कूटर चलाते लोग दक्षिण भारत में  बारिश के दौरान दिखाई दे रहे हैं।

दक्षिण भारत में मानसून का प्रभाव लगातार बना हुआ है, जिसके चलते मौसम का मिजाज सुहाना और स्थिर नजर आ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा अपडेट के अनुसार, दक्षिण भारतीय प्रायद्वीप के कई राज्यों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रूप से जारी हैं। हालांकि अधिकांश क्षेत्रों में अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना बेहद कम है, फिर भी कुछ चुनिंदा हिस्सों में बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर बारिश का दौर लगातार देखा जा रहा है, जिससे स्थानीय जलवायु पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।

मौसम विभाग से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, केरल और तटीय कर्नाटक के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से लेकर मध्यम बारिश का सिलसिला लगातार जारी रहने की पूरी संभावना है। इन दोनों ही तटीय और संवेदनवशीत क्षेत्रों में मानसूनी बादलों की सक्रियता के कारण मौसम में नमी बनी हुई है। इसके अलावा, पश्चिमी घाट के कुछ विशेष पहाड़ी और ऊंचे इलाकों में भौगोलिक स्थिति के चलते अपेक्षाकृत अधिक वर्षा दर्ज किए जाने के आसार जताए गए हैं, जिससे वहां के तापमान में हल्की गिरावट भी महसूस की जा रही है।

दूसरी तरफ, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में मौसम का हाल थोड़ा अलग रहने वाला है। इन राज्यों के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश के बजाय मुख्य रूप से छिटपुट बारिश और आसमान में घने बादल छाए रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। इन मैदानी और अंदरूनी इलाकों में धूप और बादलों की आंख-मिचौली के बीच हल्की बौछारें पड़ सकती हैं, जिससे उमस भरे माहौल से लोगों को आंशिक राहत मिल सकती है।

कुल मिलाकर दक्षिण भारत के इन प्रमुख राज्यों में मानसून का यह वर्तमान दौर सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यद्यपि मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हैं और बारिश का क्रम बना हुआ है, फिर भी किसी भी बड़े खतरे या अत्यधिक वर्षा की चेतावनी फिलहाल इन क्षेत्रों के लिए नहीं है। संबंधित विभागों द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि आम जनमानस को समय पर सटीक जानकारी मिलती रहे और वे अपने दैनिक कार्यों की योजना उसी अनुसार बना सकें।

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