दक्षिण भारत में मानसून का कहर: केरल और तटीय कर्नाटक में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, मछुआरों के लिए चेतावनी जारी|

केरल और तटीय कर्नाटक में भारी बारिश के कारण जलभराव और स्थानीय बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, जिससे मछुआरों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

Update: 2026-07-31 03:42 GMT

केरल और तटीय कर्नाटक में भारी बारिश के दौरान तटीय क्षेत्रों के लोग छतरियां लेकर सड़क पर चल रहे हैं।

दक्षिण भारत में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से सक्रिय हो गया है, जिसके चलते दक्षिणी प्रायद्वीप के कई राज्यों में मौसम का मिजाज गंभीर रूप ले चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट और चेतावनियों के अनुसार, केरल और तटीय कर्नाटक के विभिन्न क्षेत्रों में भारी से अति भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। लगातार हो रही इस मानसूनी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है, जिससे स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हो गई हैं और एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, विशेष रूप से केरल के कई जिलों और तटीय कर्नाटक के अंतर्गत आने वाले इलाकों में बादलों का डेरा बना हुआ है और मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है। लगातार हो रही इस भारी वर्षा के कारण कई निचले और संकरे इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न होने लगी है, जिससे स्थानीय बाढ़ का खतरा भी मंडराने लगा है। सड़कों पर पानी भर जाने के कारण यातायात की गति धीमी पड़ गई है और आम नागरिकों को अपने दैनिक आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

इस बीच, पश्चिमी घाट के पर्वतीय क्षेत्रों में भी तीव्र वर्षा होने की पूरी संभावना व्यक्त की गई है, जिससे पहाड़ी ढलानों से पानी के तेज बहाव और भूस्खलन जैसी अप्रिय घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। मौसम की इस खतरनाक स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने समुद्र में उतरने वाले मछुआरों और तटीय क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए विशेष रूप से सावधानी बरतने की सख्त सलाह जारी की है। मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक गहरे समुद्र में न जाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।

तटीय इलाकों में रहने वाले निवासियों को भी सुरक्षित स्थानों पर रहने या प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। स्थानीय निकाय और राहत दल किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और स्थिति पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए हैं। लगातार हो रही इस बारिश के चलते तापमान में तो गिरावट दर्ज की गई है, जिससे उमस से राहत मिली है, लेकिन जलभराव और बाढ़ के बढ़ते खतरे ने आम जनता की चिंताएं जरूर बढ़ा दी हैं। प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और पूरी सावधानी बरतें।

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