पहाड़ों पर कुदरत का तांडव: हिमाचल और उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का साया, सहमे लोग|
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश के बीच भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा मंडरा रहा है, जिससे यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है।
पहाड़ी क्षेत्रों में बहता उफनता नाला और मकान, जो हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण उत्पन्न फ्लैश फ्लड के खतरे को दर्शाते हैं।
उत्तरी भारत में मौसम ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश का दौर शुरू हो चुका है, जिसके कारण इन पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन यानी लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। लगातार हो रही वर्षा के चलते कई स्थानों पर पहाड़ी दरकने और सड़कों के अवरुद्ध होने की आशंका है, जिससे स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले सैलानियों और यात्रियों की मुश्किलें काफी बढ़ सकती हैं।
पहाड़ी राज्यों के अलावा मैदानी और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गरज-चमक के साथ वर्षा होने की प्रबल संभावना है। इन इलाकों में बादलों की आवाजाही के साथ-साथ तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की उम्मीद है, जिससे तापमान में तो गिरावट दर्ज की जाएगी लेकिन आवागमन में कुछ बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।
विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने यात्रियों और पर्यटकों के लिए एक विस्तृत मौसम एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा करने से बचें और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों या उफनते नालों के पास जाने से पूरी तरह परहेज करें। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे सफर पर निकलने से पहले रास्तों की स्थिति की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या हादसे से बचा जा सके।
प्रशासन लगातार स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है और संबंधित विभागों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ घंटों तक मौसम का यह तेवर ऐसा ही बना रह सकता है, इसलिए नागरिकों से लगातार मौसम अपडेट्स से जुड़े रहने और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने की अपेक्षा की जा रही है।