थम नहीं रहा मानसूनी कहर: उत्तराखंड से लेकर यूपी-पंजाब तक मूसलाधार बारिश ने थामा जनजीवन, नदियां उफान पर|

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से भूस्खलन का खतरा, जबकि उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में तेज बारिश और आंधी की संभावना।

Update: 2026-07-30 01:43 GMT

उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में मानसून के जोर पकड़ने के बाद रंगबिरंगे छाते लेकर चलते लोग|

उत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून का असर एक बार फिर तेजी से बढ़ गया है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा चेतावनियों के अनुसार, उत्तर भारत के कई प्रमुख राज्यों में भारी बारिश, आंधी और भूस्खलन का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इस अचानक आए मौसमी बदलाव ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है और प्रशासन को भी पूरी तरह से मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।

पर्वतीय राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मानसून का प्रकोप सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। इन दोनों ही राज्यों के कई हिस्सों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) का खतरा बहुत अधिक बढ़ गया है। पहाड़ों से लगातार मलबा गिरने और रास्ते बंद होने की आशंका के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

दूसरी ओर, मैदानी इलाकों में भी मौसम कम खतरनाक नहीं है। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में तेज बारिश और आंधी-तूफान की प्रबल संभावना जताई गई है। इन इलाकों में बादलों की आवाजाही के साथ तेज हवाएं चल रही हैं, जिससे तापमान में तो गिरावट आई है, लेकिन इसके साथ ही जनजीवन पर भी असर पड़ा है। लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र की प्रमुख नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे किनारे बसे गांवों और बस्तियों के लिए चिंता बढ़ गई है।

नदियों के जलस्तर में वृद्धि और लगातार बारिश के चलते निचले इलाकों और शहरी बस्तियों में भारी जलभराव होने की गंभीर आशंका जताई गई है। प्रशासन ने जलभराव से प्रभावित होने वाले संभावित क्षेत्रों की पहचान कर ली है और पानी की निकासी के लिए पुख्ता प्रबंध किए जा रहे हैं। वाहन चालकों और आम नागरिकों को भी खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने तथा नदियों के पास या जलभराव वाले रास्तों पर जाने से पूरी तरह से परहेज करने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि उत्तर भारत के इन राज्यों में बारिश और आंधी का यह दौर अभी कुछ और दिनों तक जारी रह सकता है। हालात की गंभीरता को देखते हुए सभी संबंधित राज्य सरकारें और आपदा प्रबंधन इकाइयां पूरी तरह सतर्क हैं ताकि मौसम की इस मार से होने वाले नुकसान को न्यूनतम किया जा सके और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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