उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में मौसम के सक्रिय रहने से बारिश, आंधी और फ्लैश-फ्लड का जोखिम बना हुआ है।

उत्तर भारत में मौसम का मिजाज एक बार फिर से पूरी तरह बदल गया है, जिससे पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक हलचल बढ़ गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा ऑल इंडिया अपडेट के अनुसार, 27 अगस्त को उत्तर भारत के कई हिस्सों में मानसून बेहद सक्रिय रहने की पूरी संभावना है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत विभिन्न क्षेत्रों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन साथ ही एहतियात बरतने की भी सख्त जरूरत है।

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, इन तमाम राज्यों में मौसमी गतिविधियां तेज होने के पीछे लगातार बन रहे वेदर सिस्टम हैं। विशेष रूप से पर्वतीय राज्यों जैसे उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बादलों के डेरे के साथ लगातार बौछारें पड़ने का अनुमान जताया गया है। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में भी मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। मैदानी इलाकों की बात करें तो उत्तर प्रदेश और पंजाब के कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है, जबकि राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर के क्षेत्रों में भी बादलों की आवाजाही और छिटपुट बौछारों की पूरी संभावना बनी हुई है।

सबसे अहम बात यह है कि IMD ने अपने लेटेस्ट अपडेट में कुछ विशिष्ट पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों के लिए फ्लैश-फ्लड यानी अचानक बाढ़ के जोखिम की चेतावनी भी जारी की है। लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। नागरिकों और पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक यात्राओं से बचें और नदी-नालों के पास जाने से पूरी तरह परहेज करें।

यह मौसमी बदलाव जहां एक तरफ कृषि और पर्यावरण के लिए राहत लेकर आया है, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती भी साबित हो रहा है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत के इन राज्यों में मौसम का यह तेवर यूं ही बरकरार रह सकता है, इसलिए सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।