उत्तर भारत में सक्रिय हुआ मानसून- पहाड़ों से मैदानों तक झमाझम बारिश, कई जगह Alert|
24 अगस्त को उत्तर भारत के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है, जिससे उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
उत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून सक्रिय रहने पर बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं।
उत्तर भारत में मौसम का मिजाज एक बार फिर पूरी तरह से बदल गया है, और सक्रिय हुए मानसून के चलते क्षेत्र के कई राज्यों में बारिश का दौर तेज होने के स्पष्ट संकेत मिलने लगे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आधिकारिक और ताजा पूर्वानुमानों के अनुसार, आज 24 अगस्त को उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में झमाझम बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बड़े पैमाने पर देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट में विशेष तौर पर पर्वतीय राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जिससे वहां के निवासियों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।
मौसम विज्ञानियों का मानना है कि पिछले कुछ दिनों से सक्रिय मानसूनी हवाओं ने एक बार फिर जोर पकड़ा है, जिसके परिणामस्वरूप उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में बादलों का घना पहरा लग गया है। इन दोनों पर्वतीय राज्यों में लगातार हो रही बारिश और संभावित चेतावनी के चलते स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश के विभिन्न संभागों में भी मानसूनी सक्रियता बढ़ने के कारण गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई इलाकों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किए हैं, ताकि आम नागरिक किसी भी संभावित जलभराव, भूस्खलन या अन्य मौसम जनित बाधाओं के प्रति पहले से सजग रह सकें।
क्षेत्रीय मौसम केंद्रों से मिल रही जानकारियों के अनुसार, बारिश की यह गतिविधियां केवल पर्वतीय क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी इनका प्रभाव साफ तौर पर महसूस किया जाएगा। लगातार बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं के चलने से तापमान में भी अपेक्षित गिरावट दर्ज की जा रही है। कृषि क्षेत्रों से जुड़े जानकारों का यह भी मानना है कि उत्तर भारत के इन राज्यों में मानसून का यह नया जोर फसलों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन इकाइयों ने संभावित भारी बारिश के मद्देनजर अपनी तैयारियों को पूरी तरह से पुख्ता कर लिया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। मौसम विभाग लगातार उपग्रहों और रडार के माध्यम से बादलों की चाल और मानसूनी गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए है, और समय-समय पर नए अपडेट जारी किए जा रहे हैं। कुल मिलाकर, 24 अगस्त का यह दिन उत्तर भारत के लिए सुहावने मौसम और मानसून के उग्र रूप का संदेश लेकर आया है, जो पूरे वातावरण को तरोताजा कर रहा है।