दक्षिण भारत में झमाझम बारिश की दस्तक! केरल-कर्नाटक समेत कई इलाकों में मानसून हुआ सक्रिय|
आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 24 अगस्त को केरल और कर्नाटक समेत कई दक्षिणी राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
दक्षिण भारत के केरल और कर्नाटक समेत कई राज्यों में मानसून के फिर से सक्रिय होने पर बारिश की गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं।
दक्षिण भारत में मौसम का मिजाज एक बार फिर पूरी तरह से बदल गया है, और क्षेत्र के कई राज्यों में मानसून के एक बार फिर सक्रिय होने के स्पष्ट संकेत मिलने लगे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आधिकारिक और ताजा पूर्वानुमानों के अनुसार, 24 अगस्त को दक्षिण भारत के विभिन्न हिस्सों में झमाझम बारिश की गतिविधियां बड़े पैमाने पर देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट में विशेष तौर पर केरल और कर्नाटक समेत कई दक्षिणी राज्यों में बारिश का नया दौर शुरू होने का अनुमान जताया गया है, जिससे वहां के निवासियों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।
मौसम विज्ञानियों का मानना है कि पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़े मानसूनी सिस्टम ने एक बार फिर करवट ली है, जिसके परिणामस्वरूप दक्षिणी प्रायद्वीप के तटीय और अंदरूनी इलाकों में बादलों का डेरा लगना शुरू हो गया है। केरल के कई जिलों में सुबह से ही आसमान बादलों से घिरा हुआ है और हल्की से मध्यम बौछारें दर्ज की जा रही हैं। इसके साथ ही, कर्नाटक के विभिन्न संभागों में भी मानसूनी सक्रियता बढ़ने के कारण गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई इलाकों में बारिश का अलर्ट भी जारी किया है, ताकि स्थानीय प्रशासन और आम नागरिक किसी भी संभावित जलभराव या अन्य मौसम जनित बाधाओं के प्रति पहले से सतर्क रह सकें।
क्षेत्रीय मौसम केंद्रों से मिल रही जानकारियों के अनुसार, बारिश की यह गतिविधियां केवल तटीय क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि आंतरिक हिस्सों में भी इनका प्रभाव साफ तौर पर महसूस किया जाएगा। लगातार हो रही बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं के चलने से तापमान में भी अपेक्षित गिरावट दर्ज की जा रही है। कृषि क्षेत्रों से जुड़े जानकारों का यह भी कहना है कि दक्षिण भारत के इन राज्यों में मानसून का यह पुनरुत्थान फसलों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन इकाइयों ने भी संभावित भारी बारिश के मद्देनजर अपनी तैयारियों को पुख्ता कर लिया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। मौसम विभाग लगातार उपग्रहों और रडार के माध्यम से बादलों की चाल और मानसूनी गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए है, और समय-समय पर नए अपडेट जारी किए जा रहे हैं। कुल मिलाकर, 24 अगस्त का यह दिन दक्षिण भारत के लिए सुहावने मौसम और मानसून की सक्रिय वापसी का संदेश लेकर आया है, जो पूरे वातावरण को तरोताजा कर रहा है।