पानी से भरी सड़क पर वाहन चलाते हुए लोग उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश के दौरान।

उत्तर भारत में मानसून एक बार फिर अपने उग्र रूप में लौट आया है, जिसके चलते पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और स्थानीय प्रशासन की ताजा चेतावनियों के अनुसार, आज 25 अगस्त को उत्तर भारत के कई प्रमुख राज्यों में भारी बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। इस वेदर अपडेट के दायरे में मुख्य रूप से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान को शामिल किया गया है, जहां लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, सबसे अधिक प्रभाव पहाड़ी क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है, विशेषकर उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। भारी बारिश के इस ऑरेंज और रेड अलर्ट के मद्देनजर पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। लगातार हो रहे भूस्खलन (Landslide) और नदियों-नालों में अचानक बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है और लोगों से संवेदनशील तथा जोखिम भरे पहाड़ी रास्तों से बचने की अपील की गई है।

केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी झमाझम बारिश का दौर लगातार जारी है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हरियाणा के विभिन्न हिस्सों में भी बादलों का डेरा है और रुक-रुक कर वर्षा हो रही है। मैदानी इलाकों की बात करें तो उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई जिलों में भी इस मानसूनी सक्रियता का असर साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है, जिससे उमस भरी गर्मी से तो राहत मिली है, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है।

प्रशासन ने सभी संबंधित राज्यों के नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे खराब मौसम के दौरान पूरी सतर्कता बरतें और बेवजह घर से बाहर निकलने से बचें। IMD और आपदा प्रबंधन दल लगातार स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। मौसम के इस बदले हुए मिजाज के कारण आगामी कुछ घंटों तक उत्तर भारत के इन सभी राज्यों में एहतिआतन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।