उत्तर भारत में मानसून की सक्रियता के बीच बाजार क्षेत्र में तेज बारिश के दौरान सड़क पर वाहन चलाते लोग|

उत्तर भारत में मानसून एक बार फिर पूरे जोर पर है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी की ओर से 18 अगस्त के लिए जारी पूर्वानुमान में हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है, जबकि हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

हिमाचल प्रदेश में 18 अगस्त को कई जगह भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है, जो 17 से 21 अगस्त तक जारी रह सकता है। पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही बारिश ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि बारिश के साथ भूस्खलन और फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है, वहीं नदियों, नालों और अन्य जल निकायों में जलस्तर और बहाव बढ़ने की संभावना जताई गई है।

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मौसम विभाग के मुताबिक जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में भी अलग-अलग स्थानों पर तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा। आईएमडी ने यह भी स्पष्ट किया है कि चेतावनी में इस्तेमाल किया गया रंग केवल संकेत के तौर पर होता है और इसका मकसद लोगों को समय रहते जरूरी कदम उठाने के लिए सचेत करना है।

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पहाड़ी इलाकों के अलावा मैदानी राज्यों में भी बारिश का असर दिखने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली-एनसीआर के साथ हिमाचल प्रदेश, झारखंड, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब सहित करीब पच्चीस राज्यों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान कुछ स्थानों पर आंधी और ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है।

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लगातार बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर फिसलन की समस्या पैदा हो सकती है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है और कुछ स्थानों पर यातायात जाम की स्थिति भी बन सकती है। प्रशासन की ओर से लोगों को सलाह दी गई है कि संवेदनशील और भूस्खलन प्रभावित इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचें।

मौसम विभाग ने साफ किया है कि पूर्वानुमान की सटीकता समय के साथ घटती जाती है, इसलिए स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को ताजा अपडेट के लिए आईएमडी की आधिकारिक जानकारी पर नजर बनाए रखनी चाहिए। फिलहाल उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी दोनों हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी रहने की संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में सतर्कता और एहतियात ही सबसे जरूरी उपाय बताए जा रहे हैं।