उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से स्कूली बच्चों से संवाद किया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को ‘दिल की बात, अंकल धामी के साथ’ कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश के लगभग 8 लाख स्कूली बच्चों से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने बच्चों को दीपावली सहित विभिन्न पर्वों की शुभकामनाएं देने के साथ स्वच्छता, सुरक्षा, शिक्षा, सांस्कृतिक परंपराओं और जीवन के लक्ष्यों को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिए। साथ ही कार्यक्रम को भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल तकनीक के जरिए अधिक उपयोगी बनाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘दिल की बात, अंकल धामी के साथ’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के बच्चों से निरंतर जुड़ाव बनाए रखना, उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करना और शिक्षा, संस्कृति, नैतिक मूल्यों तथा जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर उनका मार्गदर्शन करना है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर प्रदेश के विभिन्न शहरों और गांवों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थी एक साथ इस संवाद से जुड़ रहे हैं।

बच्चों से आत्मीय संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने उनके परिवार के सदस्यों का हालचाल पूछा और दीपावली की तैयारियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हमारे त्योहार केवल उत्सव मनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि परिवार और समाज को जोड़ने तथा समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का माध्यम भी हैं। धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज जैसे पर्व आपसी प्रेम, सहयोग और पारिवारिक संबंधों की महत्ता का संदेश देते हैं।


मुख्यमंत्री ने बच्चों से दीपावली पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने और घर की साफ-सफाई में परिवार के सदस्यों का सहयोग करने की अपील की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ भारत अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि स्वच्छता को दैनिक जीवन की आदत बनाना आवश्यक है। सभी की छोटी-छोटी कोशिशें मिलकर प्रदेश और देश को स्वच्छ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को दीपावली पर मिट्टी के दीये जलाने और स्थानीय कुम्हारों एवं कारीगरों द्वारा तैयार उत्पादों को अपनाने के लिए भी प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के आह्वान को आगे बढ़ाते हुए स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इससे स्थानीय कारीगरों की आजीविका को प्रोत्साहन मिलेगा और उनके परिवारों की खुशियों में भी भागीदारी सुनिश्चित होगी।

त्योहारों के दौरान सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने बच्चों से पटाखों से दूर रहने तथा दीये और फुलझड़ियां जलाते समय बड़ों की देखरेख में रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि त्योहारों का वास्तविक आनंद तभी है, जब हम स्वयं सुरक्षित रहें और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ खेलकूद, रचनात्मक गतिविधियों और नई चीजें सीखने में भी रुचि रखनी चाहिए। जीवन में आगे बढ़ने के लिए मेहनत, अनुशासन और निरंतर सीखने की भावना आवश्यक है।

कार्यक्रम के भविष्य के स्वरूप पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘दिल की बात, अंकल धामी के साथ’ को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एवं डिजिटल तकनीक के माध्यम से और अधिक उपयोगी बनाया जाएगा। इसके जरिए बच्चों को उपयोगी और प्रेरक जानकारियां उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इससे पहले ढाई लाख से अधिक विद्यार्थियों ने निबंध के माध्यम से आयोजित संवाद कार्यक्रम में उत्तराखंड के विकास को लेकर अपने विचार और सुझाव साझा किए थे। उन्होंने कहा कि बच्चों के विचारों और सुझावों का विशेष महत्व है। विद्यार्थियों से प्राप्त उपयोगी सुझावों पर भविष्य की योजनाओं और नीतियों के निर्माण के दौरान भी विचार किया जाएगा।

बच्चों को ‘विकल्प रहित संकल्प’ का अर्थ समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका आशय निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए पूरी मेहनत, लगन और दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने जीवन में लक्ष्य तय करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयास करते रहने का आह्वान किया। साथ ही चुनौतियों से घबराए बिना आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे खूब पढ़ें, खूब खेलें, नई चीजें सीखें और अपनी प्रतिभा से माता-पिता, प्रदेश तथा देश का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रतिभा, परिश्रम और रचनात्मक सोच विकसित उत्तराखंड एवं विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कार्यक्रम में सचिव शिक्षा सुश्री ज्योति यादव, महानिदेशक शिक्षा श्रीमती आकांक्षा कोंडे और संयुक्त निदेशक श्री गोविन्द राम जायसवाल मौजूद थे।

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