हापुड़: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में दो महिलाओं को 3 साल की सजा
न्यायालय ने 'ऑपरेशन कनविक्शन' के तहत फैसला सुनाते हुए दोनों दोषियों पर पांच-पाँच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
हापुड़ में पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद न्यायालय परिसर में मौजूद सुरक्षाकर्मी।
हापुड़ में पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म कराने के मामले में न्यायालय ने दो महिला सह-अभियुक्तों को तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। एडीजे/स्पेशल पॉक्सो प्रथम हापुड़ की अदालत ने दोनों अभियुक्तों पर 5,000-5,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इस तरह दोनों पर कुल 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के निर्देशन में अपराधियों को न्यूनतम समय में सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत हुई है।
मामला 07 जनवरी 2022 का है। थाना हापुड़ नगर क्षेत्र में रहने वाली करीब 14 वर्ष की युवती को बहला-फुसलाकर अपने घर ले जाने, उसके साथ मारपीट करने और नशीली वस्तु खिलाकर बाल अपचारी अभियुक्त ग्यानों देवी उर्फ रेनू के पुत्र से दुष्कर्म कराने की घटना सामने आई थी।
इस मामले में थाना हापुड़ नगर पर मु०अ०सं० 22/2022 दर्ज किया गया था। मुकदमा भारतीय दंड विधान की धारा 323, 363, 328, 376(3), 120बी तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4(2) के तहत पंजीकृत किया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 19 फरवरी 2022 को ही न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित कर दिया था।
इस मामले में सजा पाने वाली महिला अभियुक्तों में आदर्शनगर कॉलोनी, थाना हापुड़ नगर, जनपद हापुड़ निवासी ग्यानों देवी उर्फ रेनू पत्नी देवा उर्फ देवेन्द्र और इसी कॉलोनी की निवासी पिंकी पत्नी सतीश शामिल हैं। न्यायालय ने दोनों को तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास तथा 5,000-5,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
हापुड़ पुलिस के अनुसार, मामले में गुणवत्तापूर्ण विवेचना के साथ अभियोजन विभाग और मॉनीटरिंग सेल ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। इसी के परिणामस्वरूप दोनों महिला सह-अभियुक्तों को सजा सुनाई गई। इस कानूनी कार्रवाई और प्रभावी पैरवी में शासकीय अधिवक्ता हरेन्द्र कुमार त्यागी, विवेचक उपनिरीक्षक कुशल पाल सिंह, पैरोकार महिला हेड कांस्टेबल मधु और कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल प्रशान्त पाण्डेय का विशेष योगदान रहा।