जल शक्ति मंत्रालय में नौकरी के नाम पर ठगी, पति-पत्नी पर केस दर्ज
फर्रुखाबाद के दंपती ने जल जीवन मिशन में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 15 से अधिक युवाओं से 14 लाख से अधिक ठगे, फर्जी जॉइनिंग लेटर दिए।
तिर्वा/कन्नौज। जल शक्ति मंत्रालय और जल जीवन मिशन में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 15 से अधिक युवाओं से 14 लाख 32 हजार 600 रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि फर्रुखाबाद के कमालगंज क्षेत्र निवासी पति-पत्नी ने मंत्रालय में ऊंची पहुंच होने का दावा कर युवाओं को विभिन्न पदों पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। रुपये लेने के बाद आरोपियों ने युवाओं को फर्जी जॉइनिंग लेटर थमा दिए। नौकरी जॉइन करने पहुंचने पर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। इसके बाद रुपये वापस मांगने पर पीड़ितों को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। पुलिस ने मामले में पति-पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ग्राम नजरापुर निवासी नमन प्रताप सिंह और उनके साथी संजय सिंह की मुलाकात फर्रुखाबाद जिले के कमालगंज क्षेत्र के कनकौली गांव निवासी मोहित कुमार चौहान और उसकी पत्नी सपना से हुई थी। आरोपियों ने जल शक्ति मंत्रालय में अपनी ऊंची पहुंच होने का दावा करते हुए जल जीवन मिशन में क्वालिटी इंस्पेक्टर, कंप्यूटर ऑपरेटर, चपरासी, पंप ऑपरेटर और माली के पदों पर नौकरी लगवाने का लालच दिया।
आरोपियों के झांसे में आकर पीड़ितों ने अपने परिचित दर्जनों युवाओं से रुपये जुटाए। ऑनलाइन और नकद माध्यम से एकत्र की गई कुल 14,32,600 रुपये की रकम आरोपियों के खाते में जमा करा दी गई। नौकरी मिलने की उम्मीद में युवाओं ने रकम दी, लेकिन निर्धारित समय तक नियुक्ति नहीं होने पर उन्होंने आरोपियों पर दबाव बनाना शुरू किया।
पीड़ितों के दबाव बनाने पर आरोपियों ने उन्हें फर्जी जॉइनिंग लेटर थमा दिए। इन पत्रों के आधार पर जब युवा नौकरी जॉइन करने पहुंचे, तब पूरे मामले में धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। इसके बाद पीड़ितों ने आरोपियों से अपनी रकम वापस मांगी, लेकिन आरोप है कि उन्होंने पहले टालमटोल की और बाद में जान से मारने की धमकी देने लगे।
पीड़ित की शिकायत पर स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं होने के बाद मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया। अभियोजन अधिकारी और पुलिस अधीक्षक के निर्देश तथा विधिक अभिमत के बाद कोतवाली तिर्वा में मोहित कुमार चौहान और उसकी पत्नी सपना के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने मामले की जांच उपनिरीक्षक रोबिन सिंह को सौंपी है। पुलिस अब नौकरी दिलाने के नाम पर ली गई रकम, फर्जी जॉइनिंग लेटर और पीड़ितों को कथित तौर पर दी गई धमकियों से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है। 15 से अधिक युवाओं से 14 लाख 32 हजार 600 रुपये की कथित ठगी के इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।