राजस्थान के राजसमंद स्थित आमेट क्षेत्र के आईड़ाणा गांव में नवरात्रि के प्रथम दिन गाजण माता मंदिर में कलश स्थापना अनुष्ठान में भाग लेते श्रद्धालु और समिति के सदस्य।   

राजस्थान के आमेट क्षेत्र के आईड़ाणा गांव में नवरात्रि के शुभारंभ पर दोनों प्रमुख शक्तिपीठों में वैदिक मंत्रोच्चार, हवन की आहुतियों और माता के जयकारों के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। खेड़ा देवी चामुंडा माता मंदिर और परिहार वंश की कुलदेवी श्री गाजण माता मंदिर में विधि-विधान से घट स्थापना कर नौ दिवसीय नवरात्रि महोत्सव की शुरुआत की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर परिवार, गांव और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

नवरात्रि के प्रथम दिन दोनों मंदिरों में हवन-पूजन और कलश स्थापना के अनुष्ठान आयोजित किए गए। धार्मिक आयोजनों के दौरान मंदिरों में श्रद्धा और आस्था का वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने शक्ति की उपासना करते हुए माता से मंगलकामना की।

परिहार वंश की कुलदेवी श्री गाजण माता मंदिर में नवरात्रि के शुभारंभ पर हवन के साथ विधिवत घट स्थापना की गई। श्री गाजण माता सेवा समिति के प्रवक्ता राव दिलीप सिंह परिहार ने बताया कि धार्मिक अनुष्ठान में समिति के पदाधिकारियों, संरक्षकों, सदस्यों और ग्रामीणों ने भाग लिया। सभी ने माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि और मंगलकामना की।

इस अवसर पर सेवा समिति के अध्यक्ष प्रेम सिंह, कोषाध्यक्ष जोरावर सिंह और प्रधान संरक्षक शम्भू सिंह सहित नाहर सिंह, तेज सिंह, भंवर सिंह, लाल सिंह, मोती सिंह, घासी सिंह, कान सिंह, मनोहर सिंह, मदन सिंह, जोरावर सिंह, प्रहलाद सिंह, जसवंत सिंह, भोपाल सिंह, चैन सिंह, नरेन्द्र सिंह, भरत सिंह, धर्मेन्द्र सिंह और कुलदीप सिंह उपस्थित रहे। इनके साथ भोपा दल्ला राम, पेमा राम सहित अनेक ग्रामीणों ने भी धार्मिक आयोजन में भाग लिया।

आईड़ाणा स्थित खेड़ा देवी चामुंडा माता मंदिर में भी हवन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ घट स्थापना की गई। धार्मिक परंपराओं के अनुसार नवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालुओं ने मां चामुंडा की पूजा-अर्चना कर अपने परिवार की सुख-शांति और क्षेत्र की उन्नति की प्रार्थना की।

नवरात्रि शुरू होने के साथ ही आईड़ाणा के दोनों प्रमुख देवालयों में नौ दिनों तक चलने वाली मां दुर्गा की आराधना का क्रम शुरू हो गया है। इस दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना कर शक्ति की उपासना करेंगे।

आईड़ाणा के दोनों शक्तिपीठों में हवन, घट स्थापना और माता के जयकारों के बीच नवरात्रि का आगाज हुआ। धार्मिक अनुष्ठानों में समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों और ग्रामीणों की भागीदारी के साथ श्रद्धालुओं ने शक्ति, शांति और समृद्धि की कामना की।

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