एटा में पत्रकारों का सम्मान, लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की भूमिका और एआई पत्रकारिता की चुनौतियों पर मंथन
सराय अगहत में आयोजित जनकपुरी महोत्सव में पत्रकारों को किया गया सम्मानित, पत्रकारिता में एआई के बढ़ते प्रभाव और चुनौतियों पर हुई विस्तृत चर्चा।
एटा के सराय अगहत में चतुर्थ जनकपुरी महा महोत्सव के दौरान आयोजित पत्रकार सम्मेलन में सम्मानित अतिथि और पत्रकार एक स्मृति चिह्न भेंट करते हुए।
एटा में चतुर्थ जनकपुरी महा महोत्सव के अंतर्गत आयोजित पत्रकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए जनसमस्याओं को सरकार तक पहुंचाने में पत्रकारों की भूमिका को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में पत्रकारों के संघर्ष, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को सराहा गया। साथ ही बदलते तकनीकी दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव, उससे मिलने वाले अवसरों और सामने आने वाली चुनौतियों पर भी चर्चा हुई।
सारथी बौद्ध सेवा संघ के तत्वावधान में सोमवार को सराय अगहत स्थित श्री श्री 1008 सार्वजनिक हजारी बाबा शिव मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में पत्रकारिता के सामाजिक दायित्व और लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया की भूमिका पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। इस दौरान पत्रकारों के योगदान को सम्मान देते हुए उनके कार्यों और साहस को नमन किया गया।
राष्ट्रीय सदस्यता अभियान के प्रदेश सहसंयोजक दिनेश गुप्ता ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पत्रकारों की अहम भूमिका होती है। पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, जिसके माध्यम से आमजन की आवाज सरकार तक पहुंचती है। समाज की समस्याओं, जनहित के मुद्दों और लोगों की परेशानियों को सामने लाने में पत्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि पत्रकारों के सामने हर परिस्थिति में अपने दायित्वों का निर्वहन करने की चुनौती रहती है। कड़ाके की सर्दी, भीषण गर्मी, बरसात, बाढ़, भूकंप और युद्ध जैसी विषम परिस्थितियों में भी पत्रकार जोखिम उठाकर घटनास्थल तक पहुंचते हैं और लोगों तक सूचनाएं पहुंचाते हैं। कई बार उन्हें अपनी जान की परवाह किए बिना काम करना पड़ता है। पत्रकारों के इसी साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए उन्होंने पत्रकार साथियों को प्रणाम किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और हिंदुस्तान अखबार के ब्यूरो चीफ शैलेंद्र उपाध्याय ने ‘एआई पत्रकारिता : अवसर या खतरा’ विषय पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने बदलती तकनीक के दौर में पत्रकारिता के सामने उभर रहे नए अवसरों और चुनौतियों पर चर्चा की। उनके संबोधन में पत्रकारिता के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव और इसकी उपयोगिता को समझने की आवश्यकता प्रमुख रही।
अति विशिष्ट अतिथि मानवेंद्र सिंह चौहान (मन्नू) ने पत्रकारिता को संघर्षों का दस्तावेज बताया। अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा, “मैं आज जिस मुकाम तक पहुंचा हूं, वह सब पत्रकारों की देन है।” उन्होंने अपनी सफलता में पत्रकारों के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
सम्मेलन में पत्रकारिता के सामाजिक दायित्व, लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया की भूमिका और बदलते तकनीकी परिवेश में पत्रकारों के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की गई। आयोजन का उद्देश्य पत्रकारों के योगदान को सम्मान देना और समाज में उनकी भूमिका को रेखांकित करना रहा।
कार्यक्रम का संचालन अम्बरीश जैन ने किया। इस अवसर पर आयोजनकर्ता सारथी बौद्ध सेवा संघ के पदाधिकारी, पत्रकार, समाजसेवी और क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे। सम्मेलन में पत्रकारों के साहस, जनहित के मुद्दों को उठाने की जिम्मेदारी और तकनीकी बदलावों के बीच पत्रकारिता की भूमिका पर विचार-विमर्श किया गया।