अलीगंज में नियमितीकरण और वेतन वृद्धि की मांग को लेकर प्रदर्शन करते एनएचएम संविदा स्वास्थ्यकर्मी।

अलीगंज में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन और वेतन वृद्धि सहित छह सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के अनुसार, प्रदेश में एक लाख से अधिक संविदा कर्मचारी पिछले 15 से 18 वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे रहे हैं। प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक तैनात ये कर्मचारी टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीबी उन्मूलन और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान भी कर्मचारियों ने जोखिम उठाकर जनता तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाईं।

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उन्हें स्थायी सेवा सुरक्षा और सम्मानजनक वेतन का लाभ नहीं मिल रहा है। उनकी प्रमुख मांग है कि लंबे समय से कार्यरत एनएचएम संविदा कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग में नियमित किया जाए। नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी होने तक वर्तमान वेतन में तत्काल वृद्धि कर समान कार्य-समान वेतन की व्यवस्था लागू की जाए। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग में सृजित नहीं किए गए संबंधित पदों का सृजन भी किया जाए।

कर्मचारियों ने छह सूत्रीय मांगों के तहत अपने और आश्रित परिवारों के लिए कम से कम 10 लाख रुपये की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, महंगाई भत्ता देने, प्रभावी ईपीएफ लागू करने, मकान किराया भत्ता और ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग उठाई। इसके अलावा गैरजनपद एवं पारस्परिक स्थानांतरण नीति बहाल करने और सेवाकाल के दौरान मृत्यु होने पर पात्र आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग भी शामिल है।

संविदा कर्मचारियों ने आउटसोर्स कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने तथा नियमित भर्तियों में एनएचएम संविदा कर्मियों के लिए कम से कम 25 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने की मांग भी की। संगठन का कहना है कि वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे रहे कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा और वेतन संबंधी सुविधाएं मिलनी चाहिए।

संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज किया जाएगा। घोषित आंदोलन कार्यक्रम में काली पट्टी बांधकर विरोध जताने, कार्य बहिष्कार करने और इसके बाद लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का कार्यक्रम शामिल है। कर्मचारियों ने सरकार से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान निकालने की अपील की।

प्रदर्शन के दौरान आर्येंद्र कुमार सक्सेना, डॉ. रूवी यादव, अजय सिंह, डॉ. हर्ष भारद्वाज, रवि यादव, डॉ. रुचि रानी, डॉ. अखलाक खान, ममता चौहान, संजय सिंह सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी मांगों को लेकर कर्मचारियों के इस प्रदर्शन के साथ संगठन ने स्पष्ट कर दिया कि समाधान नहीं होने पर आंदोलन का अगला चरण लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल होगा।

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