हापुड़: निर्माणाधीन पुलिस लाइन में कर्मचारी के साथ मारपीट, मामला दर्ज
हिसाब के विवाद में ठेकेदार और सुपरवाइजर पर कमरे में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है।
हापुड़ (उत्तर प्रदेश)। बाबूगढ़ थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन पुलिस लाइन की साइट पर कंपनी के डीएम पद पर कार्यरत कर्मचारी के साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित अनुज पाल ने कंपनी के ठेकेदार बिजेन्द्र यादव और सुपरवाइजर विनोद पर अपने कमरे में जबरन घुसकर हमला करने, मोबाइल फोन तोड़ने और धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुजफ्फरनगर जिले के थाना मीरापुर क्षेत्र के गांव कैल्लापुर जानकोर निवासी अनुज पाल पुत्र बाबूराम ने बाबूगढ़ थाने में दी गई तहरीर में बताया कि वह हापुड़ में निर्माणाधीन पुलिस लाइन की साइट पर डीएम के पद पर कार्यरत है। इस पुलिस लाइन का निर्माण कल्याण टोल द्वारा कराया जा रहा है।
अनुज पाल के मुताबिक, 14 अक्टूबर 2026 की रात करीब 9:20 बजे वह छावनी स्थित अपने कमरे में मौजूद था। इसी दौरान कंपनी का ठेकेदार बिजेन्द्र यादव और छावनी, बाबूगढ़ निवासी सुपरवाइजर विनोद अपने एक अन्य साथी के साथ जबरन उसके कमरे में घुस आए।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि कमरे में आते ही बिजेन्द्र यादव ने उससे हिसाब को लेकर विवाद शुरू कर दिया। ठेकेदार ने कहा, "तू मेरा हिसाब कंपनी से क्यों नहीं करा रहा है मैं तुझे बार-बार बोल रहा हूं, मेरे बकाया रुपये कंपनी से अभी दिला।" इस पर अनुज ने उन्हें समझाया कि वह भी कंपनी का एक आम कर्मचारी है और वे अगले दिन कंपनी से सीधे अपना हिसाब कर लें। आरोप है कि उसकी बात सुनकर बिजेन्द्र यादव और विनोद बुरी तरह भड़क गए।
तहरीर के अनुसार, दोनों आरोपियों ने अनुज पाल के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और लात-घूंसों से मारपीट करने लगे। उस समय कमरे में मौजूद अनुज के साथी शुभम राजपूत, राजीव और कृष्णकान्त ने बीच-बचाव कर उसे बचाया।
पीड़ित का आरोप है कि जाते समय आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया। इसके बाद उसे सबक सिखाने और जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए। घटना के बाद अनुज पाल ने बाबूगढ़ थाना प्रभारी से शिकायत कर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने और सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
पुलिस को दी गई तहरीर के आधार पर सीसीटीएनएस (CCTNS) के माध्यम से मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। निर्माणाधीन पुलिस लाइन की साइट से जुड़े इस मामले में अब पुलिस की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।