हापुड़: चोराखी मंदिर भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप, एसडीएम को ज्ञापन
चोराखी मंदिर की भूमि पर कब्जे और महंत को धमकाने के आरोपों के खिलाफ साधु-संतों व स्थानीय लोगों ने एसडीएम हापुड़ को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की।
हापुड़ के प्राचीन चोराखी मंदिर भूमि अतिक्रमण विवाद में एसडीएम को शिकायत पत्र सौंपते साधु-संत और स्थानीय नागरिक।
हापुड़ (उत्तर प्रदेश)। स्वर्ग आश्रम रोड स्थित ऐतिहासिक और प्राचीन चोराखी मंदिर की भूमि पर कथित अवैध कब्जे, मंदिर परिसर में दुकान बनाने के प्रयास और महंत को डराने-धमकाने के आरोपों को लेकर विवाद सामने आया है। मंदिर के महंत दिगंबर विनय गिरि महाराज के साथ साधु-संतों और क्षेत्रवासियों ने उपजिलाधिकारी (SDM) हापुड़ को प्रार्थना पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
उपजिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि स्वर्ग आश्रम रोड स्थित प्राचीन चोराखी मंदिर की भूमि पर कुछ लोग अवैध कब्जा करने और मंदिर परिसर में दुकान बनाने की कवायद कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों और मंदिर के महंत के अनुसार, इस मामले में वार्ड संख्या 37 के सभासद नितिन पराशर, उनकी टीम के सदस्य संचित त्यागी, निखिल और अन्य लोग कथित रूप से मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। शिकायत में इन लोगों पर मंदिर के महंत को धमकाने का भी आरोप लगाया गया है।
ज्ञापन में मंदिर परिसर में स्थित अखाड़े के पास लगभग 3 फीट गहरी नींव खोदे जाने का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ताओं ने इसे संभावित अवैध निर्माण से जोड़ते हुए आशंका जताई है कि मंदिर परिसर की भूमि पर निर्माण की तैयारी की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से मौके की जांच कराकर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
शिकायत में मंदिर की धार्मिक मर्यादा और पवित्रता प्रभावित होने का मुद्दा भी उठाया गया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उक्त स्थान पर कुछ व्यक्ति अर्धनग्न अवस्था में स्नान करते हैं और अमर्यादित आचरण करते हैं। मंदिर में महिलाएं भी नियमित रूप से पूजा-अर्चना के लिए आती हैं। ऐसे में कथित गतिविधियों के कारण श्रद्धालुओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है और मंदिर की धार्मिक गरिमा प्रभावित हो रही है।
ज्ञापन में यह आरोप भी लगाया गया है कि कुछ असामाजिक तत्व मंदिर के महंत पर ही गलत और बेबुनियाद आरोप लगाने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि कथित अवैध गतिविधियों को छिपाया जा सके। शिकायतकर्ताओं ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी से तत्काल मौके की जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सीधे और सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
इस शिकायत पत्र पर मंदिर के महंत दिगंबर श्री विनय गिरि महाराज के साथ क्षेत्र के अनेक नागरिकों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दर्ज कराया। हस्ताक्षर करने वालों में डॉ. वंदना वशिष्ठ, हरीश शर्मा, मनोज गुर्जर, आदित्य उपाध्याय, अमोल शर्मा, नीरज त्यागी, सुशील वर्मा, साजन सैनी, हृदयानन्द तिवारी, नवनीत कुमार, विनोद कुमार, गजेंद्र त्यागी, रामा सिंह, एम. मोहन शर्मा, मनराज, अनुज त्यागी, रवि तिवारी, अमित वर्मा, प्रतीक्षा सिंह, बबीता गोयल, विनोद त्यागी, माधव गर्ग, पुनीत गर्ग, सुनील शर्मा, अतुल कुमार, सरोज कंसल और अजय सहित अन्य लोग शामिल हैं। शिकायतकर्ताओं ने ज्ञापन पर अपने मोबाइल नंबर भी दर्ज कराए हैं।
प्राचीन चोराखी मंदिर की भूमि पर कथित कब्जे, नींव खोदे जाने और महंत को धमकाने से जुड़े आरोपों के बीच अब प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ताओं की मांग है कि मौके की जांच कर आरोपों की सच्चाई सामने लाई जाए और नियमानुसार दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं।