तस्वीर में हापुड़ नगर कोतवाली थाने का मुख्य द्वार और परिसर नजर आ रहा है।

हापुड़ में एक स्थानीय व्यापारी के PAN नंबर का कथित रूप से गलत इस्तेमाल कर दिल्ली में फर्जी फर्म संचालित करने और उसके जरिए करीब 7.5 करोड़ रुपये का GST लेनदेन करने का मामला सामने आया है। मामले का खुलासा तब हुआ, जब व्यापारी के घर आयकर विभाग का नोटिस पहुंचा। नोटिस में करीब 73 लाख रुपये की टैक्स देनदारी का उल्लेख था। शिकायत के बाद हापुड़ नगर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

हापुड़ के सिटी कोतवाली क्षेत्र के श्रीनगर निवासी विशाल गौड़ की श्रीनगर में ‘अनन्या ट्रेडिंग कंपनी’ नाम से फर्म है। वे इस फर्म के इकलौते मालिक हैं। विशाल गौड़ के मुताबिक, उन्हें 26 जून 2025 को आयकर विभाग की ओर से एक नोटिस प्राप्त हुआ। इसमें उनके PAN नंबर पर दिल्ली के शकरपुर इलाके में पंजीकृत ‘जिल एंटरप्राइजेज’ नाम की एक अन्य फर्म का उल्लेख था।

नोटिस के अनुसार, इस फर्म के जरिए करीब 7.5 करोड़ रुपये का कारोबार किया गया था। इसके साथ ही विशाल गौड़ पर करीब 73 लाख रुपये की टैक्स देनदारी बकाया बताई गई। अपने PAN नंबर पर दिल्ली में किसी अन्य फर्म के पंजीकरण और उसके जरिए हुए लेनदेन की जानकारी सामने आने के बाद उन्होंने मामले की शिकायत की।

विशाल गौड़ ने पुलिस को बताया कि उन्हें इस फर्जीवाड़े की जानकारी वर्ष 2020 में ही हो गई थी। उन्होंने उसी समय संबंधित GST कार्यालय में लिखित शिकायत की थी, लेकिन उस समय अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के शकरपुर थाने और आर्थिक अपराध शाखा के भी चक्कर लगाए।

हाल ही में आयकर विभाग की ओर से रिकवरी नोटिस मिलने के बाद विशाल गौड़ ने हापुड़ के पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई। एसपी के निर्देश और प्राथमिक जांच-पड़ताल के बाद शुक्रवार रात हापुड़ नगर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।

कोतवाली प्रभारी सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि व्यापारी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच उपनिरीक्षक को सौंपी गई है। पुलिस की एक टीम दिल्ली में पंजीकृत ‘जिल एंटरप्राइजेज’ फर्म, उससे जुड़े बैंक खातों और GST लेनदेन के दस्तावेजों की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, मामले में शामिल आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।

यह मामला PAN और GST से जुड़े दस्तावेजों के कथित दुरुपयोग से सामने आए फर्जी लेनदेन से जुड़ा है। ऐसे मामलों से बचने के लिए आम नागरिकों और व्यापारियों को अपने दस्तावेजों की नियमित निगरानी करने की सलाह दी गई है। अपने नाम पर किसी अज्ञात ऋण या क्रेडिट कार्ड की जानकारी के लिए समय-समय पर CIBIL स्कोर की जांच करने और आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर 26AS फॉर्म तथा AIS (Annual Information Statement) नियमित रूप से देखने को कहा गया है। PAN से जुड़ी कोई संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर GST पोर्टल और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।