तस्वीर में नेशनल बॉक्सर जितेंद्र मान सफेद शर्ट पहने हुए नजर आ रहे हैं।   

नेशनल बॉक्सर जितेंद्र मान की चर्चित हत्या के मामले में करीब आठ साल बाद गौतमबुद्धनगर जिला एवं सत्र न्यायालय ने फैसला सुनाया है। अदालत ने खुर्जा निवासी मीट कारोबारी हाजी इमरान और उसके सहयोगी नफीस को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही वर्ष 2018 से चले आ रहे इस चर्चित हत्याकांड में न्यायिक कार्रवाई का एक अहम पड़ाव पूरा हो गया।

दरअसल, 12 जनवरी 2018 को एवीजे हाइट्स सोसायटी में नेशनल बॉक्सर जितेंद्र मान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने हाजी इमरान, नफीस और सृष्टि गुप्ता को आरोपी बनाया था।

पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद आरोपियों के खिलाफ अदालत में साक्ष्य और दस्तावेज पेश किए। इसके बाद मामले की सुनवाई गौतमबुद्धनगर जिला एवं सत्र न्यायालय में लंबे समय तक चली। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहियों पर अदालत ने विस्तार से विचार किया।

अदालत ने हाजी इमरान को हत्या की साजिश में दोषी माना, जबकि उसके सहयोगी नफीस को हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार को छिपाने के मामले में दोषी ठहराया। दोनों की भूमिका अलग-अलग पाए जाने के बावजूद अदालत ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव की अदालत के फैसले के साथ ही वर्ष 2018 से चले आ रहे जितेंद्र मान हत्याकांड में एक महत्वपूर्ण न्यायिक अध्याय पूरा हुआ। करीब आठ वर्षों तक चले इस मामले में पीड़ित पक्ष और मामले से जुड़े लोगों की निगाहें अदालत के निर्णय पर टिकी हुई थीं। अब अदालत के फैसले के साथ इस चर्चित हत्याकांड की न्यायिक प्रक्रिया में एक अहम पड़ाव दर्ज हुआ है।

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