तस्वीर में एक व्यक्ति हापुड़ में खड़ी सीज की गई संतरी रंग की टूरिस्ट बस के पास खड़ा नजर आ रहा है, जबकि इनसेट तस्वीर में वह हाथ में लिखित शिकायत लिए हुए है।

हापुड़ में पुलिस कस्टडी में खड़ी एक सीज बस से करीब 80 हजार रुपये का सामान और 500 लीटर डीजल चोरी होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद वाहन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित बस चालक ने पुलिस से लिखित शिकायत कर निष्पक्ष जांच और चोरी गया सामान बरामद करने की मांग की है।

उत्तर प्रदेश के किठौर थाना क्षेत्र के ग्राम राधना निवासी बस चालक फकरुद्दीन यूपी से राजस्थान रूट पर टूरिस्ट बस चलाते हैं। बीते 8 सितंबर को सुबह करीब साढ़े पांच बजे परिवहन विभाग (आरटीओ) ने उनकी बस को सीज कर दिया था। सीज किए जाने के बाद बस को नगर कोतवाली की ट्रांसपोर्ट चौकी पर पुलिस कस्टडी में खड़ा कर दिया गया था।

इस दौरान गाजियाबाद से आए रितिक नाम के व्यक्ति ने बस की तकनीकी जांच भी की थी। इसके बाद बस पुलिस की अभिरक्षा में चौकी पर खड़ी रही।

पीड़ित बस चालक के अनुसार, कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जब उन्होंने बस को रिलीज कराने की कार्रवाई शुरू की और वाहन को देखा, तो उसमें से कई सामान गायब मिले। उनके अनुसार, पुलिस कस्टडी में खड़ी बस को चोरों ने निशाना बनाया और उसमें मौजूद सामान के साथ बड़ी मात्रा में डीजल भी चोरी कर लिया।

बस की टंकी में मौजूद करीब 500 लीटर डीजल चोरी पाया गया। इसके अलावा दो नई बैटरियां, टूल बॉक्स में रखे जैक, पाना और अन्य जरूरी उपकरण भी गायब मिले। चोरी हुए सामान की कुल कीमत करीब 80 हजार रुपये बताई जा रही है।

पुलिस की कस्टडी में खड़े वाहन से इतनी बड़ी मात्रा में सामान चोरी होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और चोरी गया सामान बरामद करने की गुहार लगाई है।

घटना के बाद स्थानीय पुलिस कार्यालय और चौकी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामला इस बात से जुड़ा है कि पुलिस की अभिरक्षा में खड़े वाहन से चोरी की वारदात कैसे हुई और उसकी सुरक्षा व्यवस्था किस तरह की गई थी।

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