गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली के गेट पर लगा 'दलालों का प्रवेश वर्जित है' लिखा बोर्ड।

हापुड़ (गढ़मुक्तेश्वर)। हापुड़ जिले की गढ़ कोतवाली में दलाली करने और पुलिस पर नाजायज दबाव बनाने वाले तत्वों के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कोतवाली परिसर में अब ‘दलालों का प्रवेश वर्जित है’ का आधिकारिक बोर्ड लगाया गया है। थाने के अंदर और मुख्य द्वार के पास लगाए गए इस बोर्ड को लेकर क्षेत्र में चर्चा है।

पुलिस के आला अधिकारियों के मुताबिक, इस कदम का मुख्य उद्देश्य थाने आने वाले आम फरियादियों को बिना किसी बिचौलिए या दलाल के सीधे न्याय दिलाना है। ‘दलालों का प्रवेश वर्जित है’ बोर्ड के जरिए पैरवी के नाम पर पुलिसकर्मियों पर अनुचित दबाव बनाने और दलाली चमकाने वालों को सख्त चेतावनी दी गई है।

पुलिस प्रशासन ने पारदर्शिता पर जोर देते हुए स्पष्ट किया है कि आम जनता बिना किसी डर या बिचौलिए के सीधे पुलिस अधिकारियों से मिलकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगी। इस कदम के जरिए जिले के अन्य पुलिस थानों को भी दलालों से सख्त दूरी बनाए रखने का स्पष्ट संदेश दिया गया है।

गढ़ कोतवाली पुलिस प्रशासन का कहना है कि थानों में अक्सर कुछ ऐसे तत्व सक्रिय हो जाते हैं, जो भोले-भाले फरियादियों की पैरवी करने के बहाने पुलिस पर दबाव बनाने का प्रयास करते हैं। इससे न केवल पुलिस की छवि धूमिल होती है, बल्कि जांच प्रक्रिया में भी बाधा आती है।

अब कोतवाली में बोर्ड लगाए जाने के बाद साफ कर दिया गया है कि यदि कोई भी व्यक्ति थाने के अंदर दलाली करते या संदिग्ध पैरवी करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी धाराओं के तहत सख्त एक्शन लिया जाएगा।

पुलिस के इस फैसले के बाद स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। पुलिस का मानना है कि इस कदम से बिचौलियों का नेटवर्क टूटेगा और जनता का पुलिस प्रशासन पर भरोसा और मजबूत होगा। अब कोई भी पीड़ित व्यक्ति बिना किसी हिचकिचाहट के सीधे थाना प्रभारी या जांच अधिकारी से मिलकर अपनी बात रख सकता है। गढ़ कोतवाली में लगाया गया यह बोर्ड थाने की कार्यप्रणाली में बिचौलियों की भूमिका को लेकर पुलिस के सख्त रुख को स्पष्ट करता है।

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