तस्वीर में एटा में तहसील परिसर के अंदर हाथ उठाकर प्रदर्शन करते लेखपाल।   

एटा। जनपद भर के लेखपालों ने अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार कर दिया। जिले की सभी तहसीलों में लेखपालों ने कार्यालयों के बाहर धरना-प्रदर्शन करते हुए कलम बंद कर विरोध जताया। तहसील परिसरों में लेखपालों के प्रदर्शन से प्रशासनिक कार्यों पर भी असर पड़ा।

लेखपालों ने 2800 ग्रेड पे, वेतन विसंगति दूर करने और अंतरमंडलीय स्थानांतरण समेत आठ सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति के बाद समय से डीपीसी न होने समेत कई मुद्दों को लेकर लेखपालों ने नाराजगी जताई।

प्रदर्शन के दौरान लेखपालों ने ग्राम सचिवालयों में सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग उठाई। इसके साथ ही लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करने की भी मांग की गई। लेखपालों ने लैपटॉप, मोबाइल समेत तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।

लेखपाल संघ की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा गया। संघ ने मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में 24 अक्टूबर से जिला स्तर पर धरना शुरू करने की चेतावनी दी है।

इस दौरान तहसील परिसरों में संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार करते हुए लेखपालों ने धरना-प्रदर्शन किया। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा ने भी प्रदर्शन के दौरान अपनी बात रखी।

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