अलीगंज: आबादी से शराब की दुकानें हटाने को लेकर ग्रामीणों ने एसडीएम को दिया ज्ञापन
लालपुर गांव में शराब दुकानों के कारण बढ़ा तनाव, ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और दर्ज मुकदमा खत्म करने की मांग की।
तस्वीर में अलीगंज तहसील कार्यालय में अधिकारियों को शिकायती पत्र सौंपते ग्रामीण दिख रहे हैं।
अलीगंज। विकासखंड अलीगंज में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान ग्राम लालपुर, थाना जैथरा के एक दर्जन से अधिक महिला-पुरुष ट्रैक्टर-ट्रॉली से तहसील पहुंचे। ग्रामीणों ने अलीगंज एसडीएम को शिकायती पत्र सौंपकर गांव की आबादी में संचालित शराब की दुकानों को अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित कराने की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम लालपुर में देशी शराब की दुकान के साथ अंग्रेजी शराब और बीयर की कंपोजिट दुकान भी संचालित हो रही है। आबादी के बीच इन दुकानों के संचालन से गांव के शांतिपूर्ण एवं सामाजिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि शराब की दुकानों के कारण महिलाओं और बच्चों को असुविधा के साथ सुरक्षा संबंधी चिंताओं का भी सामना करना पड़ रहा है।
शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने प्रशासन से शराब की दुकानों के संचालन की नियमानुसार जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि दुकानें आबादी के बीच संचालित होना नियमों के अनुरूप नहीं है तो उन्हें गांव की आबादी से दूर किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित कराने की कार्रवाई की जाए।
एक अक्टूबर 2026 को शराब की दुकानों को लेकर गांव में विवाद की स्थिति उत्पन्न होने का भी ग्रामीणों ने शिकायती पत्र में हवाला दिया। ग्रामीणों के अनुसार, इस मामले में थाना जैथरा में मुकदमा अपराध संख्या 322/2026 दर्ज किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि मुकदमे में कई धाराएं दर्ज होने की जानकारी उन्हें मिली है। साथ ही कुछ ग्रामवासियों के नाम मुकदमे में शामिल किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ ही मुकदमे में नामजद ग्रामीणों के संबंध में उचित कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि शराब की दुकानों को लेकर गांव में लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है।
ग्राम लालपुर जहीराबाद निवासी सर्विस भी ग्रामीणों के साथ तहसील पहुंचीं। उन्होंने बताया कि गांव में शराब के कारण कई लोग असमय मौत का शिकार हो चुके हैं। उनका कहना है कि आबादी में शराब का ठेका होने के कारण छोटे-छोटे बच्चे भी शराब के सेवन की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से गांव से शराब के ठेके हटवाने की मांग की।
सर्विस ने यह भी आरोप लगाया कि शराब के सेवन के कारण उनके पति की भी मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि शराब की दुकानों को आबादी से दूर किए जाने के साथ ही थाना जैथरा में दर्ज मुकदमे को भी तत्काल समाप्त कराया जाना चाहिए।
गांव के जितेंद्र सिंह ने बताया कि वह प्रधान प्रतिनिधि प्रशासक हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की ओर से शनिवार को तहसील अलीगंज में शिकायत दी गई है। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि गांव की आबादी में संचालित शराब की दुकानों को जल्द से जल्द बंद कराया जाए अथवा आबादी से बाहर स्थानांतरित किया जाए।
गांव की विमला देवी ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उनके बेटे ने शराब पीने के लिए रुपये मांगे थे। रुपये नहीं देने पर बेटे ने उनके साथ लड़ाई-झगड़ा किया। उन्होंने कहा कि शराब की वजह से परिवारों में विवाद बढ़ रहे हैं और महिलाओं को परेशानी उठानी पड़ रही है।
विमला देवी ने भी प्रशासन से गांव की आबादी में संचालित शराब की दुकान को दूर कराने तथा थाना जैथरा में दर्ज मुकदमे के संबंध में उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की।
संपूर्ण समाधान दिवस में ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराकर आबादी में संचालित शराब की दुकानों के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई करने तथा गांव में शांतिपूर्ण माहौल कायम कराने की मांग की। इसके साथ ही एक अक्टूबर 2026 के विवाद में दर्ज मुकदमे और उसमें नामजद ग्रामीणों के संबंध में भी उचित कार्रवाई की मांग उठाई गई।