हापुड़ में नवरात्रि पर खाद्य विभाग की छापेमारी, अमृत डेयरी से 20 लीटर संदिग्ध घी सीज
नवरात्रि के दौरान मिलावटखोरी रोकने के लिए अभियान के तहत गढ़मुक्तेश्वर की डेयरी से नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।
हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र स्थित अमृत डेयरी पर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के दौरान रखे संदिग्ध घी के डिब्बे।
हापुड़ में नवरात्रि पर्व के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। आयुक्त के आदेश और जिलाधिकारी के निर्देश पर विभागीय टीम ने गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के गांव सादुल्लापुर लोधी स्थित अमृत डेयरी पर छापेमारी कर करीब 20 लीटर संदिग्ध घी सीज कर दिया। टीम ने घी के दो नमूने भी लिए। कार्रवाई के बाद डेयरी संचालकों में हड़कंप मच गया।
नवरात्रि पर्व को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत टीम सादुल्लापुर लोधी गांव पहुंची और अमृत डेयरी पर उपलब्ध खाद्य सामग्री की जांच-पड़ताल शुरू की। मौके पर घी की गुणवत्ता संदिग्ध मिलने पर अधिकारियों ने उसके दो नमूने एकत्र किए और करीब 20 लीटर घी सीज कर दिया।
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से आसपास के खाद्य कारोबारियों में भी खलबली मच गई। त्योहारों के दौरान घी, दूध, पनीर, मावा और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। इसी दौरान मिलावट की आशंका को देखते हुए विभाग खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच कर रहा है, ताकि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अमृत डेयरी से लिए गए घी के दोनों नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही घी की गुणवत्ता और उसमें किसी प्रकार की मिलावट की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। यदि जांच में नमूने निर्धारित मानकों के विपरीत पाए जाते हैं तो संबंधित के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नवरात्रि सहित आगामी त्योहारों को देखते हुए छापेमारी और नमूना संग्रह का अभियान लगातार जारी रहेगा। अमृत डेयरी से संदिग्ध घी सीज किए जाने की कार्रवाई के बाद अब नमूनों की जांच रिपोर्ट पर नजर रहेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।