बुलंदशहर में कांग्रेस नेताओं की नजरबंदी पर विवाद, जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान ने एसएसपी से की कार्रवाई रोकने की मांग
बुलंदशहर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजरबंदी को लेकर जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान ने नाराजगी जताई। उन्होंने एसएसपी से मुलाकात कर कार्रवाई रोकने, हिरासत में लिए गए नेताओं के मामलों की समीक्षा और शांतिपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रमों में हस्तक्षेप बंद करने की मांग की।
बुलंदशहर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को विभिन्न स्थानों पर नजरबंद किए जाने तथा हिरासत में लेने की शिकायतों को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जियाउर्रहमान ने नाराजगी जताई है। अपने गांव में नजरबंद किए जाने के बावजूद जियाउर्रहमान पुलिसकर्मियों के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से मिलने पहुंचे। उन्होंने कांग्रेस नेताओं की नजरबंदी पर तत्काल रोक लगाने और पार्टी के शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक कार्यक्रमों में अनावश्यक बाधा नहीं डालने की मांग की।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व जब भी जनहित, संविधान की रक्षा, लोकतंत्र और जनसमस्याओं से जुड़े मुद्दों को लेकर किसी कार्यक्रम, धरने, प्रदर्शन या विरोध मार्च का आह्वान करता है, तो पार्टी के नेता और कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से उसमें भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है।
जियाउर्रहमान ने स्पष्ट किया कि सीजेपी के दिल्ली कार्यक्रम से कांग्रेस का कोई संबंध नहीं है। इसके बावजूद जनपद के विभिन्न नगरों और ब्लॉक क्षेत्रों में कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया जाना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि किसी कार्यक्रम से संबंध नहीं होने के बावजूद कांग्रेस नेताओं के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई से अनावश्यक भ्रम पैदा होता है। पुलिस प्रशासन को किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई करने से पहले तथ्यों और परिस्थितियों का निष्पक्ष आकलन करना चाहिए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि किसी कार्यक्रम को लेकर कानून-व्यवस्था से जुड़ी कोई वास्तविक आवश्यकता है, तो पुलिस प्रशासन को संवैधानिक प्रावधानों और विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करनी चाहिए। केवल राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने के आधार पर नेताओं और कार्यकर्ताओं को नजरबंद करना या उनके शांतिपूर्ण कार्यक्रमों में बाधा उत्पन्न करना उचित नहीं है।
उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मांग की कि जनपद में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को विभिन्न स्थानों पर नजरबंद किए जाने की कार्रवाई तत्काल रोकी जाए। साथ ही, हिरासत में लिए गए नेताओं के मामलों की निष्पक्ष समीक्षा की जाए और संबंधित पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि कांग्रेस के शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक कार्यक्रमों में अनावश्यक हस्तक्षेप न किया जाए।
जियाउर्रहमान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र, संविधान और नागरिक स्वतंत्रताओं की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्षता के साथ कार्य करने और सभी राजनीतिक दलों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करने की अपेक्षा जताई।
एसएसपी से मुलाकात के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान के साथ पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष गांधी, मनोज शर्मा एडवोकेट, भजनलाल बिमल, वीरेंद्र शर्मा एडवोकेट, नईम मंसूरी, जुनैद राणा एडवोकेट, ऋतिक जाटव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।