हापुड़ के बाजार में दशहरे के लिए सजे रावण और कुंभकर्ण के पुतले खरीदते लोग।

हापुड़ के बाजारों में विजय दशमी यानी दशहरे के पर्व को लेकर रौनक बढ़ गई है। शहर में जगह-जगह रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के रंग-बिरंगे पुतले बिक्री के लिए सजाए गए हैं। इन्हें खरीदने के लिए लोग बाजारों का रुख कर रहे हैं। बाजारों में खरीदारों की अच्छी-खासी भीड़ नजर आ रही है, जिससे पुतले बनाने वाले कारीगरों और दुकानदारों के चेहरों पर भी खुशी दिखाई दे रही है।

दशहरे के पर्व को उत्साह के साथ मनाने के लिए कारीगरों ने अलग-अलग आकार के पुतले तैयार किए हैं। बाजारों में छोटे बच्चों और घरों में दहन के लिए 2 फीट से लेकर 15 फीट तक के ऊंचे और आकर्षक रावण के पुतले उपलब्ध हैं। इनके साथ लंका, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले भी विशेष रूप से तैयार किए गए हैं। इन पुतलों को पारंपरिक और चमकदार सामग्रियों से सजाया गया है।

पुतलों की कीमत उनके आकार और कारीगरी के आधार पर तय की गई है। बाजार में छोटे और मध्यम आकार के पुतले 500 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक में बिक रहे हैं। लोग अपनी जरूरत और बजट के अनुसार पुतलों की खरीदारी कर रहे हैं।

कारीगरों के मुताबिक, इस साल बाजार में पुतलों की बिक्री काफी जोर-शोर से हो रही है। उन्होंने बताया कि पुतले बनाने की तैयारी महीनों पहले ही शुरू कर दी गई थी। अब दशहरे के नजदीक आते ही मांग बढ़ गई है और रात के समय भी उनका स्टॉक तेजी से बिक रहा है।

दशहरे के अवसर पर पुतलों की बढ़ती मांग से कारीगरों को अच्छी-खासी आमदनी की उम्मीद है। बाजारों में रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों की उपलब्धता और खरीदारों की बढ़ती भीड़ से त्योहार की तैयारियों को गति मिल रही है।

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