हापुड़ में किसानों का बड़ा आंदोलन: 30 साल के गन्ना ब्याज के हिसाब पर अड़े किसान
हापुड़ में DCO कार्यालय पर किसानों का धरना 15वें दिन भी जारी रहा। 30 साल के गन्ना भुगतान पर 15% ब्याज का वर्षवार और किसानवार हिसाब देने की मांग को लेकर महापंचायत हुई, प्रशासन को बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई।
तस्वीर में हापुड़ स्थित जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर धरने के दौरान संबोधित करते हुए किसान नेता और बैठे हुए अन्य किसान दिखाई दे रहे हैं।
हापुड़ (उत्तर प्रदेश)। हापुड़ की नई मंडी स्थित जिला गन्ना अधिकारी (DCO) कार्यालय पर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिला अध्यक्ष अशोक डींगरा के नेतृत्व में चल रहा किसानों का धरना शनिवार को 15वें दिन भी जारी रहा। किसान पिछले 30 वर्षों के गन्ना भुगतान के ब्याज का वर्षवार और प्रत्येक किसान के लिए अलग-अलग हिसाब उपलब्ध कराने की मांग पर अड़े हुए हैं। इसी मांग को लेकर धरना स्थल पर किसानों की विशाल महापंचायत आयोजित की गई।
महापंचायत में किसानों ने प्रशासन से 30 वर्षों के ब्याज का हिसाब जल्द उपलब्ध कराने की मांग दोहराई। मंच का संचालन संगठन के वरिष्ठ जिला संरक्षक निरंजन शास्त्री ने किया, जबकि अध्यक्षता वहाव चौधरी राजपुर ने की। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने उनके 30 वर्ष के ब्याज का हिसाब अति शीघ्र उपलब्ध नहीं कराया, तो वे बड़े और उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।
किसानों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए राष्ट्रीय सैनिक संस्था के प्रदेश प्रवक्ता ज्ञानेंद्र त्यागी अपनी पूरी टीम के साथ धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने किसानों की मांग का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि यदि किसानों को देरी से हुए गन्ना भुगतान पर 15 प्रतिशत की दर से ब्याज का हिसाब नहीं दिया गया, तो सभी संगठन एकजुट होकर सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
धरने के दौरान जिला गन्ना अधिकारी (DCO) की ओर से वरिष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक (प्रभारी धौलाना) जयपाल सिंह और सहकारी गन्ना विकास समिति लिमिटेड हापुड़ के सचिव प्रभारी विनोद कुमार किसानों के बीच पहुंचे। अधिकारियों और किसानों के बीच वार्ता हुई, लेकिन यह वार्ता आंशिक रूप से ही सफल रही।
अधिकारियों ने किसानों को बताया कि तीन साल के ब्याज का हिसाब तैयार हो चुका है, जबकि चौथे साल का विवरण तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, उच्च अधिकारियों से आदेश मिलते ही यह विवरण किसानों को उपलब्ध करा दिया जाएगा। हालांकि, किसान इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें पूरे 30 वर्षों का वर्षवार तथा प्रत्येक किसान का अलग-अलग ब्याज विवरण चाहिए।
संगठन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश महासचिव चौधरी वीरपाल सिंह ने DCO को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रशासन किसानों को हल्के में लेने की भूल न करे और जल्द से जल्द 30 साल के ब्याज का हिसाब सौंपे। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक पूरे 30 वर्षों का विवरण उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। आंदोलन और धरने को किसान मजदूर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुधीर चौधरी एवं जिला अध्यक्ष वीरेंद्र गिल ने भी अपना पूरा समर्थन दिया है।
शनिवार को आयोजित महापंचायत और धरने में पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रवक्ता मुकुल त्यागी, मंडल उपाध्यक्ष वीरेश चौधरी, सतीश डींगरा, नरेंद्र कुमार लालपुर, गंगा वीर, जगमेल सिंह, बिट्टू चौधरी, सत्येंद्र सिंह, मुनेश गिल कनिया, बलराज सिंह, लोकेंद्र सिंह, कपिल कुमार, रविंद्र सहरावत, नेत्रपाल, अब्दुल वहाब, जयप्रकाश त्यागी, सतपाल सिंह, देवेंद्र कुमार, सुशील कुमार, जसवीर सिंह सहित सैकड़ों किसान उपस्थित रहे। किसानों की 30 वर्ष के ब्याज के वर्षवार हिसाब की मांग को लेकर आंदोलन फिलहाल जारी है।