तस्वीर में गन्ने के खेत के बीच रखे हुए तीन कंप्यूटर सीपीयू दिख रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र में गन्ने के खेत के बीच तीन कंप्यूटर CPU लावारिस हालत में मिलने से मामला चर्चा में आ गया। खेत में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण देखकर किसान रविन्द्र सिंह तोमर ने तत्काल यूपी डायल 112 पर सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तीनों CPU को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार, बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव भैना सदरपुर के जंगल में यह मामला सामने आया। भैना गांव निवासी किसान रविन्द्र सिंह तोमर गुरुवार की सुबह रोजाना की तरह अपने खेत पर काम करने पहुंचे थे। खेत के अंदर काम करने के दौरान उनकी नजर ईख की फसल के बीच छिपे तीन कंप्यूटर CPU पर पड़ी।

सुनसान जंगल और गन्ने के खेत में तीन कंप्यूटर CPU पड़े देखकर रविन्द्र सिंह तोमर अचंभित रह गए। उन्हें किसी अनहोनी या चोरी के माल की आशंका हुई। इसके बाद उन्होंने बिना देर किए यूपी डायल 112 पर फोन कर पुलिस को मामले की जानकारी दी।

सूचना मिलते ही बहादुरगढ़ थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तीनों CPU को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस टीम तीनों कंप्यूटर CPU को लेकर बहादुरगढ़ थाने पहुंची, जहां मामले की जांच शुरू कर दी गई।

गन्ने के खेत में तीन-तीन CPU मिलने के बाद इलाके में इनके स्रोत को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। लोग अंदेशा जता रहे हैं कि ये CPU किसी सरकारी दफ्तर, स्कूल या बैंक से चोरी किए गए हो सकते हैं। यह भी आशंका जताई जा रही है कि चोरों ने पकड़े जाने के डर से या डेटा गायब करने के मकसद से इन्हें खेत में छिपाया हो।

बहादुरगढ़ थाना पुलिस ने बताया कि CPU मिलने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास के थानों और जिलों से संपर्क कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हाल-फिलहाल में कहीं कंप्यूटर चोरी की कोई रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी या नहीं। तीनों CPU कहां से आए और उन्हें गन्ने के खेत में किसने रखा, इसका पता पुलिस जांच के बाद ही चल सकेगा।

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