तस्वीर में कृषि दुकान के अंदर अधिकारी बीज और कीटनाशक पैकेट की जांच करते हुए।

हापुड़ में किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, खाद और पेस्टिसाइड (कीटनाशक) उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने औचक निरीक्षण की कार्रवाई की। जिलाधिकारी महोदया के विशेष निर्देशों पर जिला कृषि अधिकारी (DAO), हापुड़ की टीम ने दिल्ली-गढ़ रोड स्थित दो प्रमुख पेस्टिसाइड विक्रेताओं की दुकानों पर औचक छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान दोनों प्रतिष्ठानों पर उपलब्ध कृषि उत्पादों की जांच की गई और कुल 17 नमूने सील किए गए।

कृषि विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र के खाद-बीज और पेस्टिसाइड व्यापारियों में हड़कंप मच गया। विभाग ने यह कार्रवाई नकली और मानकविहीन कृषि इनपुट्स की बिक्री पर रोक लगाने तथा किसानों के हितों की रक्षा के लिए की।

निरीक्षण के दौरान जिला कृषि अधिकारी की टीम ने दोनों दुकानों पर उपलब्ध स्टॉक की गहनता से जांच की। गुणवत्ता की परख के लिए खाद, उन्नत बीज और विभिन्न पेस्टिसाइड के कुल 17 संदिग्ध नमूने एकत्र किए गए। सभी नमूनों को पूरी पारदर्शिता के साथ सील कर दिया गया है और उन्हें विस्तृत परीक्षण तथा शुद्धता की जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।

जांच के दौरान दोनों पेस्टिसाइड विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर नियमों की अनदेखी और भारी अनियमितताएं पाई गईं। कीटनाशक अधिनियम 1968 (Insecticides Act 1968) और कीटनाशक नियमावली 1971 (Insecticides Rules 1971) के स्पष्ट उल्लंघन के मामले सामने आने पर जिला कृषि अधिकारी द्वारा दोनों विक्रेताओं को मौके पर ही कड़ा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। विक्रेताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर नियमों के उल्लंघन पर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना होगा।

जिला कृषि अधिकारी (DAO), हापुड़ ने कार्रवाई के संबंध में स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला से सैंपल टेस्ट रिपोर्ट (Sample Test Report) प्राप्त होने के बाद आगे की सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी भी नमूने में मिलावट या मानक से कम गुणवत्ता पाई जाती है तो संबंधित विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त करने के साथ-साथ उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज कराई जाएगी।

कृषि विभाग ने जनपद के सभी खाद, बीज और पेस्टिसाइड विक्रेताओं को चेतावनी दी है कि वे केवल पंजीकृत और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद ही किसानों को बेचें। किसानों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या अमानक दवाओं की बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।

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