एटा मेडिकल कॉलेज में 71 वर्षीय पुरुष के दोनों स्तनों में मिला दुर्लभ कैंसर
एटा की साइटोपैथोलॉजी लैब में हुई जांच; डॉ. अंकिता शर्मा की टीम ने पुरुषों में होने वाले इस अति-दुर्लभ द्विपक्षीय स्तन कैंसर का समय पर निदान किया।
तस्वीर में दिख रही डॉक्टर अंकिता शर्मा मेडिकल कॉलेज की लैब में खड़ी हैं।
एटा में वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की साइटोपैथोलॉजी लैब में 71 वर्षीय पुरुष मरीज के दोनों स्तनों में कैंसर की दुर्लभ पहचान हुई है। पुरुषों में स्तन कैंसर विश्व स्तर पर एक प्रतिशत से भी कम लोगों में पाया जाता है। दोनों स्तनों में एक साथ कैंसर की पहचान होने के कारण यह मामला विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, एटा के प्राचार्य डॉक्टर बलवीर सिंह ने बताया कि यह बीमारी विश्व में बहुत कम लोगों में पाई जाती है। इसकी महत्वपूर्ण जांच एटा की साइटोपैथोलॉजी लैब में हुई। उन्होंने जांच में प्रमुख भूमिका निभाने वाली डॉक्टर अंकिता शर्मा तथा उनकी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में स्तन कैंसर का सर्जिकल उपचार संभव है और समय रहते उपचार कराने से पीड़ित व्यक्ति ठीक हो सकता है।
एटा के वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की साइटोपैथोलॉजी लैब की चिकित्सक डॉ. अंकिता शर्मा ने इस दुर्लभ मामले की पहचान की है। स्तन कैंसर को आमतौर पर महिलाओं से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन पुरुषों में भी यह बीमारी हो सकती है। पुरुषों में इसकी घटनाएं महिलाओं की तुलना में काफी कम होती हैं। इसी कारण पुरुषों में स्तन संबंधी असामान्य गांठ या सूजन को कई बार गंभीरता से नहीं लिया जाता।
मरीज की जांच संस्थान की साइटोपैथोलॉजी प्रयोगशाला में की गई, जहां उपलब्ध नमूने की साइटोलॉजिकल जांच के आधार पर दोनों स्तनों में घातक परिवर्तन की पहचान की गई। इस महत्वपूर्ण निदान में डॉ. अंकिता शर्मा, नोडल इंचार्ज, साइटोपैथोलॉजी लैब, की प्रमुख भूमिका रही।
विशेषज्ञों के अनुसार, पुरुषों में भी स्तन ऊतक मौजूद होता है और इसलिए उनमें स्तन कैंसर विकसित हो सकता है। हालांकि, यह महिलाओं की तुलना में काफी कम पाया जाता है। पुरुषों में स्तन कैंसर के मामलों में जागरूकता की कमी के कारण बीमारी की पहचान कई बार देर से होती है।
स्तन में गांठ, निप्पल में बदलाव, निप्पल से असामान्य स्राव, त्वचा में सिकुड़न या बदलाव तथा बगल में गांठ जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय जांच आवश्यक है।
दोनों स्तनों में कैंसर की इस तरह की असामान्य प्रस्तुति चिकित्सकों के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह मामला इस बात को रेखांकित करता है कि स्तन में किसी भी संदिग्ध गांठ या बदलाव को केवल महिला रोग समझकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
साइटोलॉजी जैसी जांचें संदिग्ध गांठों के प्रारंभिक मूल्यांकन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। आवश्यकता के अनुसार आगे की जांच, इमेजिंग और हिस्टोपैथोलॉजिकल परीक्षण द्वारा निदान की पुष्टि तथा बीमारी की प्रकृति और चरण का निर्धारण किया जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का संदेश है कि पुरुषों में स्तन संबंधी असामान्य बदलाव को लेकर झिझक या संकोच नहीं होना चाहिए। विशेष रूप से उम्रदराज पुरुषों में यदि स्तन में नई गांठ, सूजन या निप्पल में कोई असामान्य परिवर्तन दिखाई दे तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, एटा में सामने आया यह मामला पुरुषों में स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। समय पर जांच और उचित चिकित्सा परामर्श से ऐसे मामलों का समय रहते पता लगाया जा सकता है और मरीज को आवश्यक उपचार तक पहुंचाया जा सकता है।