अलीगंज तहसील में बहू-बेटी सम्मेलन के दौरान संबोधित करतीं जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली।

अलीगंज (एटा)। बेटों को पढ़ाने के साथ बेटियों की शिक्षा पर भी समान ध्यान देना जरूरी है। बेटियों को शिक्षा के समान अवसर देकर ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। शनिवार को अलीगंज तहसील सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान आयोजित बहू-बेटी सम्मेलन में जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने यह संदेश देते हुए बेटियों की शिक्षा और महिला सशक्तीकरण पर जोर दिया। कार्यक्रम में मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के तहत महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, अधिकारों तथा सरकारी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देने पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने कहा कि बेटियों को भी बेटों की तरह आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए। शिक्षा बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करती है। इससे वे परिवार और समाज के विकास में योगदान दे सकती हैं। बहू-बेटी सम्मेलन का उद्देश्य महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के साथ समाज में बेटियों की शिक्षा के महत्व को रेखांकित करना रहा।

इसी क्रम में एटा पुलिस ने 17 अक्टूबर को जनपदभर में मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के तहत जागरूकता अभियान चलाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन के निर्देशन में संचालित अभियान की निगरानी अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय और अपर पुलिस अधीक्षक अपराध सच्चिदानंद के पर्यवेक्षण में की गई। मिशन शक्ति और एंटी रोमियो टीमों ने ग्राम चौपालों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और विद्यालयों में पहुंचकर महिलाओं, बालिकाओं तथा छात्र-छात्राओं को सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक किया। इस दौरान जागरूकता पंपलेट भी वितरित किए गए।

महिला बीट अधिकारियों और मिशन शक्ति टीमों ने ग्राम चौपालों में महिलाओं तथा ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें कानूनी अधिकारों, आत्मरक्षा के उपायों और सरकार की महिला कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। पुलिस टीमों ने महिलाओं से अपील की कि छेड़छाड़, उत्पीड़न या किसी अन्य अपराध का सामना करने पर चुप न रहें और बिना किसी डर के पुलिस से संपर्क करें।

विद्यालयों में आयोजित जागरूकता गतिविधियों के दौरान छात्र-छात्राओं को महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव और आपातकालीन सहायता प्राप्त करने के तरीकों के बारे में बताया गया। पुलिस ने बच्चों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देने के लिए प्रेरित किया।

अभियान के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को जरूरत पड़ने पर सहायता प्राप्त करने के लिए विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। महिला हेल्पलाइन के लिए 1090, पुलिस आपातकालीन सेवा के लिए 112, एंबुलेंस सेवा के लिए 108, चाइल्ड हेल्पलाइन के लिए 1098 और साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत के लिए 1930 नंबर बताया गया। इसके अलावा साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने के लिए cybercrime.gov.in पोर्टल के बारे में भी जानकारी दी गई।

एटा पुलिस के अनुसार, मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा की भावना मजबूत करना, उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना और पुलिस तथा आमजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। अलीगंज में आयोजित बहू-बेटी सम्मेलन और जनपदभर में चलाए गए जागरूकता अभियान के माध्यम से बेटियों की शिक्षा, महिला सुरक्षा, अधिकारों की जानकारी और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया गया।

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