एटा की अलीगंज तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी एम. अरुण्मोली के समक्ष कथित वसूली की शिकायत दर्ज करातीं आशा कार्यकत्रियां।   

एटा के अलीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में कार्यरत आशा कार्यकत्रियों ने संगिनी पर हर महीने प्रति आशा 2,000 रुपये की कथित वसूली करने और रकम नहीं देने पर भुगतान रोकने की धमकी देने का आरोप लगाया है। आशा कार्यकत्रियों ने संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी एम. अरुण्मोली को सामूहिक शिकायती पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद को जांच के निर्देश दिए हैं।

अलीगंज तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान आशा कार्यकत्रियों ने अपनी शिकायत में कहा कि वे अपने कार्यों और दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाना, गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और अन्य लाभार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराना उनके प्रमुख दायित्वों में शामिल है।

आशा कार्यकत्रियों का आरोप है कि उनके क्षेत्र में कार्यरत संगिनी की ओर से निर्धारित कार्यों के अतिरिक्त अन्य काम करने का दबाव बनाया जाता है। अत्यधिक कार्यभार के कारण उन्हें अपने मूल कार्य समय पर पूरे करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। शिकायत के अनुसार, कई बार काम का दबाव इतना अधिक होता है कि कुछ कार्य निर्धारित समय पर पूरे नहीं हो पाते। इसके बावजूद उन पर अनावश्यक दबाव बनाया जाता है, जिससे उन्हें मानसिक परेशानी और कार्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

शिकायती पत्र में आशा कार्यकत्रियों ने आरोप लगाया कि संगिनियों की ओर से प्रत्येक आशा से हर महीने 2,000 रुपये की मांग की जाती है। आरोप है कि रकम नहीं देने पर भुगतान नहीं किए जाने की बात कही जाती है। आशाओं ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे वसूली गई कथित धनराशि संगिनी के माध्यम से चिकित्सा अधीक्षक तक पहुंचाई जाती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले में जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

आशा पारुल और आशा शशि ने भी जिलाधिकारी को अपनी शिकायत बताते हुए कहा, “हमसे हर महीने 2000 हजार रुपए संगनी लेती है और ये पैसे संगनी के माध्यम से डॉक्टर को जाता है।” दोनों आशाओं ने कथित वसूली के संबंध में जिलाधिकारी को जानकारी दी।

आशा कार्यकत्रियों ने कहा कि वे ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और अपने कर्तव्यों से पीछे नहीं हटना चाहतीं। वे निर्धारित कार्यों को नियमित और सुचारू रूप से करना चाहती हैं, लेकिन अतिरिक्त काम के दबाव और कथित धनराशि की मांग के कारण उन्हें परेशानी हो रही है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, अनावश्यक कार्यभार के दबाव से राहत दिलाई जाए और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अलीगंज पर कुल 301 आशा कार्यकत्रियां कार्यरत हैं। ऐसे में शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच और उसके निष्कर्ष स्वास्थ्य विभाग के लिए महत्वपूर्ण होंगे। जिलाधिकारी एम. अरुण्मोली ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद को पूरे प्रकरण की जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आरोपों की जांच कर तथ्य सामने आने पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। अब स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि आशा कार्यकत्रियों की ओर से लगाए गए कथित वसूली, भुगतान रोकने की धमकी और अतिरिक्त काम के दबाव संबंधी आरोपों में कितनी सच्चाई है।

Tags: