रामलीला मैदान के निर्माण पर उठे सवाल, 1.88 करोड़ की परियोजना की डीएम ने बैठाई जांच
अलीगंज के श्रीरामलीला मैदान के सौंदर्यीकरण और चारदीवारी निर्माण में अनियमितताओं की शिकायत पर डीएम एम. अरुन्मोली ने निरीक्षण किया। 1.88 करोड़ रुपये की परियोजना में टूटी इंटरलॉकिंग मिलने के बाद जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए गए।
अलीगंज के श्रीरामलीला मैदान में सौंदर्यीकरण कार्य में अनियमितताओं की शिकायत के बाद शनिवार को स्थलीय निरीक्षण करतीं जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली एवं अन्य अधिकारी।
अलीगंज के कायमगंज रोड स्थित श्रीरामलीला मैदान के सौंदर्यीकरण और चारदीवारी निर्माण में अनियमितताओं की शिकायत के बाद जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने शनिवार को स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की गुणवत्ता प्रथम दृष्टया संतोषजनक नहीं मिली। मैदान में पुरानी इंटरलॉकिंग भी टूटी हुई पाई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने एसडीएम अलीगंज की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने मीडिया को बताया कि अलीगंज तहसील दिवस में रामलीला मैदान के निर्माण कार्य को लेकर शिकायत प्राप्त हुई थी। इसके बाद मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया कार्य की गुणवत्ता सही नहीं मिली और पुरानी इंटरलॉकिंग भी टूटी हुई पाई गई। निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था को मौके पर बुलाया गया था, लेकिन वह किसी कारणवश नहीं पहुंच सकी। जिलाधिकारी ने एसडीएम की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।
दरअसल, श्रीरामलीला प्रबंध समिति अलीगंज, एटा के कार्यकारिणी अध्यक्ष विनोद कुमार आर्य ने तहसील दिवस में जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर निर्माण कार्य में अनियमितताओं की शिकायत की थी। पत्र में बताया गया कि विधायक सत्यपाल सिंह राठौर के प्रयास से पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय की ओर से रामलीला मैदान की चारदीवारी और सौंदर्यीकरण के लिए 1.88 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। इस परियोजना के तहत 16 मार्च 2024 को कार्य का भूमि पूजन किया गया था।
शिकायत के अनुसार, निर्माण कार्य की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस, जल निगम को दी गई थी। संस्था ने ठेकेदार विजय सिंह यादव को काम सौंपा, जिसके बाद चारदीवारी और सौंदर्यीकरण का कार्य स्थानीय पेटी ठेकेदार वेद प्रकाश यादव को दिया गया। समिति का आरोप है कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं कराया गया और तय अवधि बीतने के बाद भी काम पूरा नहीं हुआ।
समिति ने यह भी बताया कि रामलीला महोत्सव छह अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुका है, लेकिन मैदान में निर्माण कार्य अब तक अधूरा है। ऐसे में 1.88 करोड़ रुपये की परियोजना की गुणवत्ता, निर्माण में कथित अनियमितताओं और काम में हुई देरी की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। अब एसडीएम अलीगंज की अध्यक्षता में गठित होने वाली जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा।