हापुड़: गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसानों का हंगामा, मिल तालाबंदी की दी चेतावनी
सिंभावली गन्ना समिति की पंचायत में बकाया भुगतान और 14 दिनों में नकद पैसे देने की मांग उठी, मांग न मानने पर आपूर्ति रोकने की चेतावनी।
हापुड़ में सिंभावली गन्ना समिति परिसर में बैठक के दौरान बात करते किसान।
हापुड़। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के बकाया भुगतान और नए पेराई सत्र की व्यवस्थाओं को लेकर सिंभावली गन्ना समिति में आयोजित पंचायत के दौरान हंगामा हुआ। किसान नेताओं और पदाधिकारियों ने गन्ना आयुक्त को भेजी जाने वाली वार्षिक प्रोसीडिंग रिपोर्ट में किसानों की प्रमुख मांगें दर्ज करने की मांग करते हुए भुगतान व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने पर मिल की तालाबंदी की चेतावनी दी।
पंचायत के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष सुधीर चौधरी ने समिति सचिव राकेश पटेल से सीधी वार्ता की। उन्होंने स्पष्ट मांग रखी कि गन्ना आयुक्त को भेजी जाने वाली वार्षिक प्रोसीडिंग रिपोर्ट में दो प्रमुख बिंदु अनिवार्य रूप से शामिल किए जाएं।
किसानों की पहली मांग है कि पिछले पेराई सत्र का संपूर्ण बकाया भुगतान तुरंत कराया जाए। दूसरी मांग है कि नए सत्र में गन्ना आपूर्ति के 14 दिनों के भीतर नकद भुगतान किया जाए। किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि 14 दिनों में भुगतान नहीं होता है तो वे मिल को गन्ने की आपूर्ति पूरी तरह बंद कर देंगे।
किसानों के इस रुख पर समिति सचिव राकेश पटेल ने आश्वासन दिया कि दोनों प्रमुख मांगों को वार्षिक प्रोसीडिंग रिपोर्ट में शामिल कर उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा।
किसान नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि इस बार भुगतान की व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त नहीं की गई तो संयुक्त किसान मोर्चा हापुड़ और विभिन्न किसान संगठन मिलकर मिल की तालाबंदी करने के लिए बाध्य होंगे।
इसी बीच जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गिल ने सिंभावली गन्ना समिति के चेयरमैन पर दोहरा रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "चेयरमैन स्वयं अपना गन्ना दूसरी मिल को नकद में बेच रहे हैं, जबकि साधारण किसानों को गुमराह किया जा रहा है। उन पर बकाया दबाकर बैठी सिंभावली मिल को ही गन्ना देने का दबाव बनाया जा रहा है।"
विवाद के बाद क्षेत्र के किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। किसानों ने आने वाले सत्र को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है और भुगतान व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने की स्थिति में गन्ना आपूर्ति बंद करने के साथ मिल की तालाबंदी की चेतावनी दी है।